अपनी ही मां से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से गुहार लगाना मोहाली निवासी सन्नी गोयल को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए सीजेएम को यह राशि याची की मां को सौंपने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए सन्नी गोयल ने हाईकोर्ट में मां और मामा से खुद को खतरा बताया था। इसके बाद कोर्ट को पता चला कि याची के पिता ने अपनी संपत्ति दो हिस्सों में बांटी थी। आधी संपत्ति बेटे और आधी संपत्ति उन्होंने अपनी पत्नी के नाम कर रखी थी। इस बीच याची ने अपनी मां से पावर ऑफ अटॉर्नी ले ली। कोर्ट को जब इस बात का पता चला तो कोर्ट ने कहा कि याची के मन में संपत्ति का लालच है और वह अपनी मां को घर से निकालना चाहता है ताकि वह इस संपत्ति को बेच सके।
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस को दिया गया मांगपत्र भी इसी ओर इशारा करता है। यह याचिका सुरक्षा की नहीं बल्कि यह मां को घर से निकालने के प्रयास के रूप में दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याची पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मोहाली के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को दो माह में यह राशि वसूलने और इसे याची की मां को दिलाने का आदेश दिया है।