हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1963 में जब भाखड़ा नंगल बांध का उद्घाटन किया था तो उन्होंने इसे आधुनिक भारत का मंदिर बताया था। उन्होंने इसे देश की दुनिया पर निर्भरता के अंत के रूप में देखा था।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह दलील की आत्मनिर्भर भारत के तहत ऐसा किया जा रहा है यह भी ठीक नहीं है। इंजीनियरिंग विंग आखिर क्यों स्थापित की गई और क्या यह अपना काम करने में नाकाम रही। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा संस्थान जो भारतीय हो, भारतीयों द्वारा हो, भारतीयों द्वारा संचालित हो, भारतीयों को रोजगार देता हो और भारत को मुनाफा देता हो इससे ज्यादा आत्मनिर्भर और क्या हो सकता है।
हाईकोर्ट ने निजीकरण पर बाबा साहेब अंबेडकर की टिप्पणियां शामिल करते हुए कहा कि संविधान के अनुसार प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह ऐसे संस्थानों को बचाए जो रोजगार देते हैं और समाज को सहारा देते हैं ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति बेहतर भविष्य का सपना देख सके। निजीकरण और सबका साथ सबका विकास इन दोनों में विरोधाभास दिखाई देता है।
यह है मामला
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में बिजली विभाग के निजीकरण का फैसला लिया था। इस फैसले को पावर मैन यूनियन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने फैसले पर रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ यूटी प्रशासन सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को तीन माह में विवाद का निपटारा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने दो-तीन सुनवाई के बाद अगस्त की तारीख तय की तो प्रशासन ने निजीकरण की प्रक्रिया में तेजी ला दी। इसके खिलाफ यूनियन ने फिर अर्जी दाखिल की जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस प्रक्रिया पर अब रोक लगा दी है।