चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट स्नातक वर्ग के चुनाव उत्तराखंड में सबसे आखिर में करवाए जा सकते हैं, क्योंकि वहां से अभी तक अनुमति नहीं मिल सकी है। बाकी राज्यों में चुनाव करवाने की तैयारी 26 सितंबर की है। इसके लिए सैकड़ों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो पीयू के आदेश के इंतजार में हैं। जैसे ही पीयू इन्हें राज्यों में जाने के लिए कहेगी, वैसे ही यह चल देंगे।
स्नातक वर्ग चुनाव के लिए पीयू ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। हाईकोर्ट ने भी चुनाव करवाने की सलाह दी है। सूत्रों का कहना है कि पीयू की तैयारी पूरी है। उत्तराखंड के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। यह भी दो से तीन दिन में मिल सकता है। सूत्रों का कहना है कि यदि अनुमति नहीं भी मिलेगी तो चुनाव करवाने की पीयू ने तैयारी कर रखी है। वह दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में चुनाव करवाएगी। हालांकि मतगणना तभी होगी, जब उत्तराखंड में चुनाव होंगे।
मनोनीत सदस्य बनने के लिए ताकत लगा रहे नेता
चांसलर कार्यालय की ओर से 36 सदस्यों का मनोनयन किया जाएगा। इसमें कुछ पदेन होंगे और बाकी राजनीतिक दलों आदि से होंगे। सभी राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने हिसाब से सिफारिश करवा रहे हैं कि उनका चयन मनोनयन सूची में आ जाए। वहीं भाजपा की कोशिश है कि सभी सदस्य उनके खेमे के हों, क्योंकि भाजपा सीनेट में कांग्रेस का दबदबा कम करने की तैयारी में है। यह तभी हो सकेगा, जब उनके पास सदस्यों की संख्या अधिक होगी।