चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए योजना बनाने में जुट गया है। कोशिश की जा रही है कि पीयू देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू करे। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी। प्रमुख बिंदुओं को इसी शैक्षणिक सत्र से लागू किया जा सकता है।
नई शिक्षा नीति में कहा गया है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने मनपसंद विषय पढ़ सकेंगे।
सभी को यह सुविधा दी जानी चाहिए। इसे च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम कहा जाता है। पीयू के विज्ञान वर्ग में तो यह पूरी तरह लागू है, लेकिन आर्ट के विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पीयू से जुड़े कॉलेजों में भी यह शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि, पीयू ने इसके लिए योजना बनाई थी। कमेटी ने पूरा प्लान भी तैयार किया था, लेकिन लागू नहीं होने दिया गया। इसकी राह में अड़ंगा लगा दिया गया। सूत्रों का कहना है कि अब शिक्षा नीति में इसका प्रावधान किया गया है। ऐसे में पीयू सबसे पहले यही करने जा रही है। आर्ट के विद्यार्थियों को साइंस के विषय पढ़ने केे मिलेंगे तो वह दूसरे क्षेत्रों में भी नौकरी पा सकेंगे। इसके अलावा छोटे विभागों को मर्ज भी किया जा सकता है। इसकी भी योजना पहले बन गई थी, लेकिन उस पर काम नहीं हुआ था। अब जाकर इस पर मुहर लग सकती है।