पंजाब यूनिवर्सिटी क्रिक कॉरिडोर का विस्तार करने जा रहा है। इसमें निजी विश्वविद्यालय व कॉलेज भी शामिल किया जाएगा। इन संस्थानों के विद्यार्थी भी कॉरिडोर में शामिल संस्थानों के संसाधनों का लाभ उठा पाएंगे। यह प्रस्ताव लगभग तैयार है। इसके लिए खुला प्रस्ताव दिया जाएगा, जो कॉलेज या विश्वविद्यालय इसमें शामिल होंगे, उन्हें इसके मानकों का पालन करना होगा।
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क्रिक कॉरिडोर की स्थापना पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय में हुई थी। पीयू ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों को इस कॉरिडोर में शामिल किया। उसका लाभ भी अब मिल रहा है। इन शिक्षण संस्थानों के 60 हजार से अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे कॉलेजों के संसाधनों का फायदा उठा रहे हैं। इस कॉरिडोर का उद्देश्य है कि जिन संस्थानों में कम संसाधन हैं, वहां के विद्यार्थी दूसरे कॉलेजों में जाकर संसाधनों का प्रयोग करें और ज्ञान ग्रहण करें। अब इस कॉरिडोर से और शिक्षण संस्थान जोड़े जा रहे हैं। इस बार निजी क्षेत्र के संस्थानों को बुलावा दिया जाएगा।
सभी संस्थानों की लाइब्रेरी को जोड़ने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि 29 शिक्षण संस्थानों की लाइब्र्रेरी को भी ऑनलाइन जोड़ने की तैयारी चल रही है। इन संस्थानों के विद्यार्थी किसी भी संस्थान में जाकर किताबें जारी करा सकेंगे। ऑनलाइन किताबें जितनी होंगी, वे भी विद्यार्थी एक पासवर्ड के जरिए पढ़ सकेंगे। यह भी कहा जा रहा है क्रिक कॉरिडोर से जुड़े किसी भी संस्थान में कोई भी अच्छा विशेषज्ञ किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेता है तो उसका लाभ अन्य संस्थानों को भी दिलाया जाएगा। विदेश से आने वाले विशेषज्ञ का इस प्रणाली से खर्च भी निकल आएगा और उनके ज्ञान का लाभ सभी संस्थानों के विद्यार्थी ले सकेंगे।
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पीयू की उपलब्धियां एक छत के नीचे होंगी
पीयू एक ओर योजना बना रही है। पीयू की सभी उपलब्धियां एक ही छत के नीचे करने की तैयारी चल रही है। हर विभाग से उनकी उपलब्धियां जानी गई हैं। उनके द्वारा तैयार की गई तकनीक, पेटेंट, मशीन, उपकरण आदि यहीं रखे जाएंगे। इसके लिए जगह चयन की जा रही है। सैफ लैब के प्रथम तल पर भी यह कॉरिडोर बन सकता है। इस व्यवस्था से कोई भी व्यक्ति पीयू को कुछ ही मिनटों में जान लेगा। एक ही छत के नीचे सभी को वह चीजें दिखेंगी।