पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में इस बार कोई विद्यार्थी नकल करते पकड़ा जाता है तो उड़नदस्ता उसका वीडियो बनाएगा। वहीं, केंद्र अधीक्षक और निगरानी अधिकारी से भी पकड़ी गई सामाग्री के बारे में बयान लिया जाएगा। इसके बाद इसे बोर्ड को ईमेल से भेजा जाएगा।
यह फैसला पीएसईबी की तरफ से बोर्ड परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने के लिए लिया गया है। ताकि बाद में जब नकल वाले केस की बोर्ड कमेटी के सामने सुनवाई हो तो तथ्य कमजोर न पड़े। इतना ही नहीं नकल संबंधी केसों की गाइडलाइन में भी बदलाव किया गया है। गाइडलाइन की कॉपी भी डीईओ भेज दी गई है।
पीएसईबी 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू हो रही हैं। दोनों कक्षाओं में इस बार करीब साढ़े सात लाख विद्यार्थी अपीयर होंगे। कोरोना के बाद परीक्षाएं पुराने तरीके से हो रही है। परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाना बोर्ड के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसी चीज को ध्यान में रखकर बोर्ड ने रणनीति बनाई है।
परीक्षा केंद्रों की जांच में पुरुष व महिला अधिकारी शामिल रहेंगे। कोई विद्यार्थी अगर नकल करते दबोचा जाता है तो उसे पहले व बाद में दी गई दोनों उत्तर पुस्तिकाओं को एक साथ भेजा जाए। वहीं, विद्यार्थी से पत्र व्यवहार करने के लिए उसका पूरा पता, मोबाइल नंबर भी रिपोर्ट फार्म पर लिखा जाए। इसके अलावा कमेटी अपनी रिपोर्ट शीघ्र दे। इसके अलावा विद्यार्थी की जगह कोई अन्य पेपर देते पकड़ा जाता है तो उस केस में पुलिस केस दर्ज करवाया जाएगा। साथ ही इस बारे में भी पीएसईबी को सूचित किया जाए।
परीक्षा केंद्रों पर दोबारा हो सकता है विचार
पीएसईबी ने तय किया था कि दोनों कक्षाओं में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए तीन से पांच किलोमीटर के एरिया में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। हालांकि सीमावर्ती कुछ जिलों में दिक्कत आ रही है कि केंद्र बनाते समय दूरी का ध्यान नहीं रखा गया है। मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में भी है। ऐसे में अब उक्त परीक्षा केंद्रों को लेकर नए सिरे से रणनीति बनाई जा रही है।
मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रहेगी पाबंदी
परीक्षाओं के लिए तय किए गए परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। डयूटी पर तैनात अधिकारी भी फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। अगर उन्हें किसी से संपर्क करना है तो प्रिंसिपल या परीक्षा अधीक्षक के फोन से कर पाएंगे। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर धारा -144 लागू रहेगी। साथ ही नियम तोड़ने पर कार्रवाई होगी।