-7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक मंच पर लाने में रहे सफल मुख्यमंत्री मनोहर लाल
-सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी को हिमाचल के रास्ते लाने पर विचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कई वर्षों से लंबित जल संरक्षण की किशाऊ, लखवार व रेणुका बांधों की परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने की पहल की है। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के केंद्र सरकार से किये गए आग्रह पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान के मुख्यमंत्री एक मंच पर आये और आपसी समझौतों पर हस्ताक्षर किये। किशाऊ को तो बहुउद्देशीय (राष्ट्रीय) परियोजना घोषित किया गया। भूजल में सुधार और पानी बचाने को लेकर मुख्यमंत्री शुरू से गंभीर हैं और उसी आधार पर नई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। वित्त मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री ने सिंचाई व जल संसाधन क्षेत्र को 6598 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया है। मनोहर लाल ने भावी पीढ़ी को जमीन के साथ-साथ पानी भी विरासत में मिले इसके लिए ''मेरा पानी-मेरी विरासत'' एक अनूठी योजना देश के समक्ष रखी जिसकी सराहना कई मंचों में हुई है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य की द्विवार्षिक एकीकृत जल संसाधन कार्य योजना (2023-25) का शुभारंभ किया। राज्य में कुल पानी की उपलब्धता 20,93,598 करोड़ लीटर है, जबकि पानी की कुल मांग 34,96,276 करोड़ लीटर है, जिससे पानी का अंतर 14 लाख करोड़ लीटर है। उन्हीं के इनपुट के आधार पर द्विवार्षिक एकीकृत जल संसाधन कार्य योजना (2023-25) तैयार की गई। योजना के क्रियान्वयन के लिए तीन कमेटियां गठित की गई हैं। राज्य स्तरीय प्रथम कमेटी के मुख्यमंत्री स्वयं अध्यक्ष बने हैं तो दूसरी कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी तथा तीसरी जिला स्तरीय कमेटी संबंधित जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में होगी।
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हिमाचल के रास्ते पानी लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री कहते हैं कि एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के हक में फैसला दिया हुआ है। उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार है फिर भी हिमाचल के रास्ते लाने के एक वैकल्पिक प्रस्ताव पर विचार किया गया है। योजना का खाका हिमाचल को भेजा गया है। सिंचाई विभाग (मिकाडा सहित), जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायत विभाग, तालाब प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, वन, शिक्षा इत्यादि विभागों को भी जल संसाधन के कार्यों में सहयोग देंगे।