चंडीगढ़। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पीजीआई न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. विवेक लाल को पीजीआई का नया निदेशक बनाया है। मूलत: जालंधर के रहने वाले प्रो. विवेक विश्व के जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट हैं। प्रो. जगतराम के सेवानिवृत्त होने के बाद से अब तक पीजीआई एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के प्रमुख प्रो. सुरजीत सिंह प्रभारी निदेशक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके प्रभारी के तौर पर तैनाती का 6 महीने का कार्यकाल 30 अप्रैल को पूरा हो गया था। 6 महीने 5 दिन बाद नए निदेशक के नाम की घोषणा की गई है।
निदेशक का कार्यभार ग्रहण कर प्रो. विवेक ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उनका मुख्य फोकस मरीजों को बेहतर इलाज देने व संस्थान में शोध कार्यों को बढ़ावा देने पर होगा। आर्मी परिवार के प्रो. विवेक का कहना है कि वे संस्थान में अनुशासन व कार्यों के प्रति जिम्मेदारी में किसी भी तरह की अनदेखी नहीं करेंगे। उनका प्रयास होगा कि पीजीआई नई ऊंचाइयों को छूए और सफलता का क्रम लगातार जारी रहे।
प्रो. विवेक ने कोविड में निभाई अहम भूमिका
25 सितंबर 1963 को जन्मे प्रो. विवेक लाल के नेतृत्व में कोविड के दौरान इनके विभाग को पोस्ट कोविड न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं के लिए नोडल केंद्र बनाया गया था। उस दौरान उनकी टीम ने गंभीर मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। प्रो. विवेक ने गुरुनानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर से 1985 में एमबीबीएस किया। इसके बाद पीजीआई से एमडी (1990) और डीएम न्यूरोलॉजी (1993) किया। इसके बाद वे 1994 में सहायक प्रोफेसर के रूप में संस्थान में शामिल हुए। 2009 में प्रोफेसर और 2014 में विभाग के प्रमुख बने। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रो. विवेक लाल के पास 30 वर्षों का शिक्षण अनुभव है। उनके 170 प्रकाशन और 100 से ज्यादा व्याख्यान हैं।
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31 विशेषज्ञों को पीछे छोड़ बने निदेशक
प्रो. जगतराम के 31 अक्तूबर 2021 को सेवानिवृत्त होने के बाद प्रो. सुरजीत सिंह को प्रभारी निदेशक बनाया गया था। इस दौरान 19 जनवरी 2022 को नए निदेशक के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। उस प्रक्रिया में पीजीआई समेत देश के अन्य संस्थानों के 32 डॉक्टरों ने साक्षात्कार दिया था। उसमें पीजीआई से प्रो. विवेक लाल भी शामिल थे। प्रो. विवेक ने अपनी प्रतिभा के बल पर 31 डॉक्टरों को पीछे छोड़कर पीजीआई के निदेशक के पद को हासिल करने में सफलता प्राप्त की है।