केंद्र ने यह रखी थी शर्त
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद के लिए केंद्र सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। इनके अनुसार फसल में नमी की मात्रा, धूल के कण अलावा दानों का फैलाव और सिकुड़न का भी आकलन किया जाता है। एमएसपी पर खरीद के लिए गेहूं के दानों की छह प्रतिशत तक सिकुड़न स्वीकार्य है लेकिन इस बार दानों की सिकुड़न 20-25 फीसदी तक पहुंच गई है। इसके साथ ही पैदावार पर भी इसका बुरा असर पड़ा है और फसल 10-25 फीसदी तक कम हुई है।
राहत पैकेज की घोषणा करे पंजाब सरकार: भाजपा
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह चीमा ने इस बार मार्च में गर्म मौसम के चलते किसानों की गेहूं की फसल की कम पैदावार और गेहूं के दाने पहले से छोटे होने के चलते किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
चीमा ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मार्च में असामान्य रूप से बढ़े तापमान के कारण प्रति एकड़ गेहूं की उपज कम से कम 8-10 क्विंटल कम हो गई। यह राज्य के किसानों के लिए बहुत बड़ी आर्थिक क्षति है। किसानों को प्रति एकड़ 10 से 12 हजार का नुकसान हुआ है। पहले से ही कृषि क्षेत्र भारी कर्ज में डूबा हुआ है और किसान इस नुकसान को सहन नहीं कर सकते। चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की है कि पंजाब के मुख्यमंत्री होने के नाते आप तुरंत किसानों के बचाव में आएं और राहत पैकेज की घोषणा करें।