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पंजाब: छह फीसदी से अधिक सिकुड़े गेहूं की खरीद को मिल सकती हरी झंडी, केंद्रीय टीमों ने सौंपी अपनी रिपोर्ट

Sun, 17 Apr 2022 11:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद के लिए केंद्र सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। इनके अनुसार फसल में नमी की मात्रा, धूल के कण अलावा दानों का फैलाव और सिकुड़न का भी आकलन किया जाता है।
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गेहूं - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पंजाब के गेहूं किसानों को केंद्र सरकार से जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्रीय एजेंसियों ने गर्मी की मार से छह प्रतिशत से अधिक सिकुड़े गेहूं की खरीद करने की तैयारी कर ली है। जांच के लिए आई केंद्रीय टीमों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जल्द ही केंद्र सरकार लिखित आदेश जारी करेगी।

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पंजाब की मंडियों में जहां गेहूं की आवक और खरीद में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है, वहीं राज्य में इस बार भीषण गर्मी किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। आमतौर पर अप्रैल में दिन का तापमान 30-35 डिग्री सेल्सियस तक रहता है लेकिन इस साल तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते गेहूं का दाना सिकुड़ने लगा है। 

किसानों ने यह मामला राज्य सरकार के समक्ष उठाया है और प्रदेश सरकार ने भी केंद्र को इस संबंध में जानकारी दी। इसके बाद केंद्र ने पंजाब में पांच टीमें जांच के लिए भेजी थी। केंद्रीय टीम के सदस्यों ने पंजाब में तीन दिन रुक कर जांच की और उसकी एक रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को सौंप दी है। अब जल्द ही केंद्र छह प्रतिशत से अधिक सिकुड़े गेहूं की खरीद के आदेश जारी करेगी।

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केंद्र ने यह रखी थी शर्त
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद के लिए केंद्र सरकार ने कुछ शर्तें तय की हैं। इनके अनुसार फसल में नमी की मात्रा, धूल के कण अलावा दानों का फैलाव और सिकुड़न का भी आकलन किया जाता है। एमएसपी पर खरीद के लिए गेहूं के दानों की छह प्रतिशत तक सिकुड़न स्वीकार्य है लेकिन इस बार दानों की सिकुड़न 20-25 फीसदी तक पहुंच गई है। इसके साथ ही पैदावार पर भी इसका बुरा असर पड़ा है और फसल 10-25 फीसदी तक कम हुई है।

राहत पैकेज की घोषणा करे पंजाब सरकार: भाजपा
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रमजीत सिंह चीमा ने इस बार मार्च में गर्म मौसम के चलते किसानों की गेहूं की फसल की कम पैदावार और गेहूं के दाने पहले से छोटे होने के चलते किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।

चीमा ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मार्च में असामान्य रूप से बढ़े तापमान के कारण प्रति एकड़ गेहूं की उपज कम से कम 8-10 क्विंटल कम हो गई। यह राज्य के किसानों के लिए बहुत बड़ी आर्थिक क्षति है। किसानों को प्रति एकड़ 10 से 12 हजार का नुकसान हुआ है। पहले से ही कृषि क्षेत्र भारी कर्ज में डूबा हुआ है और किसान इस नुकसान को सहन नहीं कर सकते। चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपील की है कि पंजाब के मुख्यमंत्री होने के नाते आप तुरंत किसानों के बचाव में आएं और राहत पैकेज की घोषणा करें।
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