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Chandigarh News: चंडीगढ़ में पहले की तरह आ रहीं निजी बसें, पंजाब सरकार का आदेश बेअसर

Tue, 27 Dec 2022 02:26 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब की ऑर्बिट, लिब्रा, ताज, जुझार, करतार आदि कंपनियों की 73 बसों के पास चंडीगढ़ में आने का परमिट है। ये बसें चंडीगढ़ से अमृतसर, बठिंडा, अबोहर, फाजिल्का, लुधियाना, पठानकोट आदि जिलों के लिए चलती हैं।
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आईएसबीटी-43 में खड़ी निजी बसें। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने करीब दो हफ्ते पहले ट्रांसपोर्ट नियमों में संशोधन करने के साथ दावा किया था कि अब चंडीगढ़ में बादल परिवार के स्वामित्व वाली बसें दाखिल नहीं होंगी। सरकार ने इसका खूब प्रचार भी किया लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। बादल परिवार की बसें पहले की तरह ही चंडीगढ़ में दाखिल हो रही हैं और सवारियां ढो रहीं हैं।

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अमर उजाला ने सोमवार को आईएसबीटी-43 का दौरा किया तो पाया कि पंजाब सरकार की अधिसूचना का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा है, क्योंकि विभिन्न निजी कंपनियों की 73 बसों के परमिट में से औसतन 60-65 बसें रोजाना चंडीगढ़ आ रहीं हैं। ये बसें रोजाना सवारियां भी ढो रही हैं और अपने काउंटर समय पर आईएसबीटी-43 पर भी खड़ी हो रहीं हैं, जबकि पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने 13 दिसंबर को दावा किया था कि पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम में संशोधन होने के साथ ही चंडीगढ़ में बादल परिवार की बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध लग जाएगा। 

मीडिया में बयान भी दिया गया कि पंजाब सरकार ने अंतरराज्यीय रूटों पर बादल परिवार व अन्य बड़े बस ऑपरेटरों की निजी बसों के एकाधिकार को अब खत्म कर दिया है। इधर, चंडीगढ़ में बसें पहले की तरह ही आ रही हैं। चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पंजाब की तरफ से भी इस संबंध में अब तक कोई पत्र नहीं मिला है।

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इन कंपनियों की बसें आ रही हैं चंडीगढ़
पंजाब की ऑर्बिट, लिब्रा, ताज, जुझार, करतार आदि कंपनियों की 73 बसों के पास चंडीगढ़ में आने का परमिट है। ये बसें चंडीगढ़ से अमृतसर, बठिंडा, अबोहर, फाजिल्का, लुधियाना, पठानकोट आदि जिलों के लिए चलती हैं। पंजाब सरकार का आरोप है कि इन बसों के चलने से सीधा फायदा बादल परिवार को होता है। बादल परिवार निजी हितों के लिए सरकारी खजाने में निरंतर सेंध लगाता रहा और अपने एवं अपने करीबियों के कारोबार को बढ़ाने के लिए मनमर्जी की योजनाएं बनाता रहा। अब चंडीगढ़ परिवहन विभाग के अधिकारी पंजाब सरकार के पत्र का इंतजार कर रहे हैं ताकि उसके आगे की कार्रवाई कर सकें।

पंजाब सरकार ने ये फैसला लिया 
पंजाब सरकार ने पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम 2018 में संशोधन कर इसको पंजाब ट्रांसपोर्ट (संशोधन) स्कीम-2022 कर दिया गया है। स्कीम के क्लॉज-3 के शृंखला नंबर-बी में संशोधन के साथ अब 100 प्रतिशत शेयर के साथ केवल राज्य सरकार की बसें ही चंडीगढ़ में दाखिल हो सकेंगी। अंतरराज्यीय रूटों पर 39 या इससे अधिक सवारियों की क्षमता वाली एयर कंडीशंड स्टेज कैरिज बसें केवल स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की ओर से ही हर श्रेणी में उनके समूचे शेयर में से ही चलाई जाएंगी।
 
हमारे पास अभी तक पंजाब की तरफ से ऐसा कोई पत्र नहीं आया है। जैसे ही पत्र आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - नितिन यादव, गृह व परिवहन सचिव, यूटी प्रशासन।
 
ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।  - लालजीत सिंह भुल्लर, परिवहन मंत्री, पंजाब।
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