इन कंपनियों की बसें आ रही हैं चंडीगढ़
पंजाब की ऑर्बिट, लिब्रा, ताज, जुझार, करतार आदि कंपनियों की 73 बसों के पास चंडीगढ़ में आने का परमिट है। ये बसें चंडीगढ़ से अमृतसर, बठिंडा, अबोहर, फाजिल्का, लुधियाना, पठानकोट आदि जिलों के लिए चलती हैं। पंजाब सरकार का आरोप है कि इन बसों के चलने से सीधा फायदा बादल परिवार को होता है। बादल परिवार निजी हितों के लिए सरकारी खजाने में निरंतर सेंध लगाता रहा और अपने एवं अपने करीबियों के कारोबार को बढ़ाने के लिए मनमर्जी की योजनाएं बनाता रहा। अब चंडीगढ़ परिवहन विभाग के अधिकारी पंजाब सरकार के पत्र का इंतजार कर रहे हैं ताकि उसके आगे की कार्रवाई कर सकें।
पंजाब सरकार ने ये फैसला लिया
पंजाब सरकार ने पंजाब ट्रांसपोर्ट स्कीम 2018 में संशोधन कर इसको पंजाब ट्रांसपोर्ट (संशोधन) स्कीम-2022 कर दिया गया है। स्कीम के क्लॉज-3 के शृंखला नंबर-बी में संशोधन के साथ अब 100 प्रतिशत शेयर के साथ केवल राज्य सरकार की बसें ही चंडीगढ़ में दाखिल हो सकेंगी। अंतरराज्यीय रूटों पर 39 या इससे अधिक सवारियों की क्षमता वाली एयर कंडीशंड स्टेज कैरिज बसें केवल स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की ओर से ही हर श्रेणी में उनके समूचे शेयर में से ही चलाई जाएंगी।
हमारे पास अभी तक पंजाब की तरफ से ऐसा कोई पत्र नहीं आया है। जैसे ही पत्र आएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - नितिन यादव, गृह व परिवहन सचिव, यूटी प्रशासन।
ये मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - लालजीत सिंह भुल्लर, परिवहन मंत्री, पंजाब।