पीएम मोदी की गुरदासपुर रैली
दो दर्जन फसलों का एमएसपी लागत का डेढ़ गुना तय हुआ है। मोदी ने व्यंग्य किया कि दो दशक तक जो किसानों के हित में फैसले नहीं ले सके, अब झूठे वादों से किसानों की आंख में धूल झोंक रहे हैं। मैं इनका पैटर्न भी आज खुल कर आपको बताना चाहता हूं। दस साल पहले 2009 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने कर्ज माफी का एलान किया था।
लोगों ने जम कर वोट भी दिए। किसान तो भोला होता है, कांग्रेस के सारे पाप जानते हुए भी उसने भरोसा कर लिया। जिसकी सजा आज भी देश भुगत रहा है। उस समय छह लाख करोड़ का कर्ज था, लेकिन माफी हुई सिर्फ 60 हजार करोड़ रुपये की। बाकी सारे किसान इंतजार करते रह गए।
पिछले साल इन्होंने कर्नाटक में भी कर्ज माफी का एलान किया था, पर चुनिंदा किसानों का कर्ज माफ हुआ, बाकियों के वारंट निकले। पंजाब की स्थिति भी अलग नहीं है, वादा कर वोट बटोर ले गई। पर कांग्रेसियों का ही यह दावा है कि डेढ़ साल में सिर्फ 3400 करोड़ रुपये के कर्ज ही माफ हुए हैं। इसमें भी पता नहीं कितनों को फायदा हुआ।
कांग्रेस का इतिहास तो इसमें भी दागदार है। पहले की कर्ज माफियों में ऐसे लोगों को फायदा मिला, जिनके खेत ही नहीं थे। कांग्रेस ने खुद स्वीकार किया कि उसने ज्यादा नहीं किया। क्या यह कांग्रेस के लिए पंचवर्षीय योजना है, किसानों के मरने के बाद लाभ पहुंचाओगे क्या? ज्यादातर छोटे किसानों को बैंक से कर्ज मिलता ही नहीं। उनका कर्ज माफ नहीं होगा तो किसानों से कांग्रेस झूठ क्यों बोल रही है। गरीबी हटाओ के बाद अब कर्ज माफी के नाम पर कांग्रेस ठग रही है।