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जाट आंदोलन पर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट से अफसरशाही में दरार

Tue, 17 May 2016 05:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह ने सीएम को रिपोर्ट सौंपते। - फोटो : amar ujala
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के बाद प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट अफसरशाही में विवादों का कारण बन गई है। अंदरूनी तौर पर आईएएस और आईपीएस लॅाबी रिपोर्ट में लगाए आरोपों से सहमत नहीं है। हरियाणा के गृह सचिव पीके दास पर उंगली उठने की चर्चा के साथ आईएएस लॅाबी भी रिपोर्ट के खिलाफ हो गई है। रोहतक के तत्कालीन उपायुक्त डीके बेहरा भी अप्रत्यक्ष रूप से अपनी नाराजगी जता चुके हैं।
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इस मामले को लेकर गृह सचिव पीके दास ने कोई कमेंट नहीं किया है, लेकिन ब्यूरोक्रेसी में चर्चा है कि रिपोर्ट को पर कार्रवाई सरकार के सामने सबसे बड़ा धर्मसंकट होगा। फिलहाल, मंगलवार को होने वाली मंत्री समूह की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के सामने रिपोर्ट के कुछ तथ्यों पर विस्तार से चर्चा कर सकते हैं।

सैद्धांतिक रूप से मंगलवार को यह रिपोर्ट स्वीकार भी की जा सकती है। सीएम जब तक रिपोर्ट को मंजूरी प्रदान नहीं करते, तब तक इस पर कोई एक्शन नहीं होगा। आधिकारिक सूत्राें के मुताबिक रिपोर्ट पर एक्शन से पहले मुख्य सचिव डीएस ढेसी और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास की बैठक होगी। बैठक में उन विभागों के प्रशासनिक सचिवों को भी बुलाया जा सकता है, जिनके विभागों के अधिकारियों को संदेह के दायरे में रखा गया है।
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रिपोर्ट में जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, उन पर एकदम से कार्रवाई संभव नहीं है। शुरुआती दौर में विभागाध्यक्षों को ही निर्देश दिए जाएंगे कि वे दागी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगें। गृह सचिव का कहना है कि सैद्धांतिक रूप से सरकार ने अभी रिपोर्ट स्वीकार नहीं की है। यह रिपोर्ट रिसीव हुई है। उसका अध्ययन किया जा रहा है। उम्मीद की जा सकती है कि मंगलवार को कमेटी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली जाए।
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