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जाट आंदोलन : नेताओं की बयानबाजी के कारण भड़की हिंसा की आग

Wed, 01 Jun 2016 05:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह - फोटो : amar ujala
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हरियाणा में विपक्ष के भारी दबाव के बीच सरकार ने पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के नेतृत्व वाली जांच कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी है। मंत्री समूह की अनौपचारिक बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया और इसके बाद ही रिपोर्ट को हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसमें यह बात प्रमुखता से कही गई है कि जाट और गैर जाट नेताओं की बयानबाजी के कारण ही राज्य में हिंसा की आग भड़की।
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प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण और दूसरा हिस्सा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। कुल 451 पन्नों की इस रिपोर्ट में से 416 पन्नों को ही सार्वजनिक किया गया है। रिपोर्ट में सीधे तौर पर कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी तथा हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला की ओर से दिए गए भाषण को शामिल किया गया है। रिपोर्ट में राजकुमार सैनी की ओर से समय-समय पर जाटों के खिलाफ दिए गए भाषण तथा इस्तेमाल की गई अभद्र शब्दावली का पूरी तरह से उल्लेख है।

साथ ही पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य की ओर से दिलाई गई शपथ का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में साफ है कि हरियाणा में हिंसा और आगजनी की आग जाट व गैरजाट नेताओं की बयानबाजी से ही भड़की। रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा पुलिस किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए तैयार नहीं थी। राज्य में मांग के अनुसार न तो पुलिस कर्मचारी मौजूद थे, न ही उनके पास आधुनिक हथियार थे। इतना ही नहीं, दंगों से निपटने के आधुनिक वाहन भी नहीं थे। यही नहीं, पुलिस को इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण ही हासिल नहीं था। रिपोर्ट में सवाल खड़ा किया गया है कि रोहतक में कुल 1210 एफआईआर दर्ज की गई और गिरफ्तारियां मात्र 131 हुई हैं।
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हरियाणा में दंगो की स्क्रिप्ट कई माह पहले तैयार हो गई थी

जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह की रिपोर्ट - फोटो : amar ujala
झज्जर डीसी पर की टिप्पणी : रिपोर्ट में झज्जर को लेकर सबसे संवेदनशील टिप्पणियां की गई हैं। झज्जर की तत्कालीन उपायुक्त अनीता यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा गया है वह इस पद के लायक ही नहीं थी। दंगों के दौरान वह अपने दफ्तर तक ही सीमित रही। उनके रवैये के कारण पुलिस व सेना सक्रियता से काम नहीं कर पाई। रिपोर्ट में कहा गया है कि झज्जर में दंगे बढ़ते गए और पुलिस घटती गई।

कई माह पहले तैयार हो गई थी स्क्रिप्ट: हरियाणा में दंगो की स्क्रिप्ट कई माह पहले तैयार हो गई थी।  रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 में ही प्रदेश के नेताओं की इस संबंध में बयानबाजी शुरू हो गई थी। इस मामले में प्रदेश का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल साबित हुआ। आला अधिकारियों ने नेताओं के भाषण को गंभीरता से नहीं लिया और समय पूर्व सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए।

अफसरशाही पर तीखी टिप्पणियां: कमेटी ने 57 पुलिस, 23 प्रशासनिक और 10 फायर अधिकारियों के कामकाज पर उंगली उठाते हुए उनके विरुद्ध तीखी टिप्पणियां की हैैं। प्रकाश कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौके पर तैनात अधिकारी दो हिस्सों में बंटे हुए थे। जातीय हिंसा में 30 लोगों की जानें गई। 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ और 1196 दुकानें जलाई गई।
 
सात हजार से ज्यादा पेड़ काटे गए: कमेटी ने 371 वाहन फूंकने, 30 स्कूल और कॉलेज जलाने, 75 घरों को आग लगाने, 53 होटल व रेस्टोरेंट आग के हवाले करने और 29 पुलिस स्टेशन जला दिए जाने की रिपोर्ट दी है। आंदोलनकारियों ने मार्ग अवरुद्ध करने के लिए 7232 पेड़ भी काट डाले।
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सबसे महत्वपूर्ण और दूसरा हिस्सा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया

जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह की रिपोर्ट - फोटो : amar ujala
कमेटी की रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण और दूसरा हिस्सा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। 451 पन्नों की इस रिपोर्ट में से 416 पन्नों को ही सार्वजनिक किया गया है। रिपोर्ट में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी तथा हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला और कई जाट व खाप नेताओं की ओर से दिए गए भाषण को शामिल किया गया है।

इनके भाषण का रिपोर्ट में जिक्र
आरक्षण का विरोध
-सांसद राजकुमार सैनी (2 व 3 मई 2015 को दिया गया भाषण)
-ओबीसी ब्रिगेड के नेताओं का भाषण(2 अगस्त 2015 जींद की सैनी धर्मशाला)
-सांसद राजकुमार सैनी और आरएस कंबोज(27 सितंबर 2015 पानीपत में)
-सांसद राजकुमार सैनी(25 नवंबर सैन धर्मशाला सोनीपत)
-सांसद राजकुमार सैनी(7 जनवरी 2016 न्यूज चैनल पर)
-दीपक भारद्वाज(17 फरवरी 2016 सैनी धर्मशाला, रोहतक)
-राहुल जैन(18 फरवरी छोटूराम चौक, रोहतक)
-रोशनलाल आर्य(1 मार्च 2016 कैथल में)
आरक्षण का समर्थन
-सांसद दुष्यंत चौटाला(जाट महासभा 2015-16)
-रणजीत सहरावत(20 दिसंबर 2015 सोनीपत)
-मनोज दुहन(16-17 फरवरी 2016 रोहतक)
-सुदीप कलकल(16 फरवरी 2016)
-प्रदीप पाराशर
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