जाट आरक्षण आंदोलन के फिर से उग्र होने के चलते आज हरियाणा के 7 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। वहीं प्रदेश भर में शांति एवं कानून व्यवस्था बिगड़ने की आंशका के मद्देनजर रविवार शाम तक सात जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स की 10 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं।
सोनीपत, भिवानी, झज्जर, रोहतक, हिसार, जींद, कैथल सहित 7 जिलों में धारा-144 लगाई गई है। रोहतक, हिसार, झज्जर, भिवानी, कैथल, जींद और सोनीपत में सीआरपीएफ, आरएएफ और बीएसएफ की टुकड़ियां तैनाती की गई है और जगह-जगह नाके लगाकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
मूनक नहर पर आरएएफ की कंपनी लगाई है और बिंदरौली हेड पर भी सुरक्षा बढ़ाई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गईं है। फरवरी में हुए आंदोलन और इसके बाद भड़की हिंसा से सबक लेते हुए पुलिस और प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
जाटों और खाप नेताओं से शांतिपूर्व आंदोलन की अपील
जाट आरक्षण पर मच सकता है बवाल
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रोहतक में अर्द्धसैनिक बलों की तीन कंपनियां पहुंच चुकी है। रविवार को सांपला में फ्लैग मार्च किया गया। अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने रविवार को जाट और खाप नेताओं के साथ बैठक शांतिपूर्ण आंदोलन करने की भी अपील की है।
हालांकि अभी जाटों के अलग-अलग संगठन शांतिपूर्ण आंदोलन करने की ही बात कह रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की चूक नहीं करना चाहता। उधर रविवार को झज्जर के मांडौठी और रोहतक में खापों की बैठक कर जाट आरक्षण पर सरकार के रुख पर विचार विमर्श किया गया।
दिल्ली के नांगलोई में भी अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने बैठक कर पांच जून को प्रस्तावित आंदोलन के मद्देनजर रणनीति बनाई और एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ से मिला। समिति ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 5 जून से जाट न्याय रैलियों का सिलसिला शुरू करने की घोषणा की है।
प्रदेश के किस जिले में क्या हालात
जाट आंदोलन: पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
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सोनीपत: प्रशासन ने जिले में 27 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी है, वहीं आरएएफ की तीन कंपनियां बुलाई गई हैं, जिसमें एक कंपनी को मुनक नहर के बिंदरौली हेड पर तैनात किया गया है। जबकि एक पुलिस लाइन व एक बहालगढ़ के नजदीक जीटी रोड की सुरक्षा के लिए तैनात की गई है।
हिसार: आंदोलन के मद्देनजर हिसार जिले प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। रविवार को सीआरपीएफ टुकड़ियों ने संवेदनशील एरिया में चौक चौराहों पर मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस हर रोज मॉक ड्रिल कर रही है। हिसार में 9 जगह और इतने ही नाके हांसी एरिया में लगाए गए हैं। हांसी में सीआरपीएफ व बीएसएफ की टुकड़ी तैनात कर दी है।
भिवानी: जिला प्रशासन ने सरकार से आधा दर्जन से ज्यादा अर्ध सैनिक बलों की कंपनी मांगी है। रविवार रात सीआरपीएफ की एक कंपनी यहां पहुंच गई है। आधा दर्जन कंपनियों के जल्द पहुंचने की संभावना है।
कैथल: जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और पैरामिलिट्री फोर्स की एक टुकड़ी ने पुलिस लाइन में डेरा डाल लिया है।
जींद: जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर रविवार को बीएसएफ की एक टुकड़ी पहुंची। इसमें 137 जवान शामिल हैं। पांच जून को नरवाना रोड स्थित झांझ गांव में जाट नेता धरना देंगे।
झज्जर: पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर दिया है। सीआरपीएफ के जवानों ने भी कमान संभाल ली है। जिले में सीआरपीएफ की एक कंपनी के अलावा चार दंगा निरोधक कंपनियों को तैनात किया गया है।
रोहतक: जिले में अर्द्धसैनिक बलों (दो आरएएफ और एक बीएसएफ) की तीन कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। फोर्स को दिशा-निर्देश है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे। जिलेभर के करीब दो हजार पुलिस कर्मचारियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
फतेहाबाद: जाटों की आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसपी ने आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन तथा आंदोलन नहीं होने देंगे। बावजूद इसके कोई धरना प्रदर्शन तथा आंदोलन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।