पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने हिंदी गीत, ‘सीने में जलन, आंखों में तूफान सा क्यों है, इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है’ की लाइनें सुनाते हुए कहा कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब का विकास तो क्या कराना था, वह अपने हलके पटियाला की सुध नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटियाला की इस रैली में जुटे इकट्ठ को देखकर जहां अकाली दल जी उठा है, वहीं लंबी में रैली कर रहे कांग्रेसी हताश हैं।
रैली के दौरान सुखबीर सिंह बादल, प्रकाश सिंह बादल और मजीठिया तीनों ने कहा कि कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू कैप्टन सरकार के खिलाफ हैं। वह बयान देती हैं कि कैप्टन मिलते ही नहीं। फोन करो तो उठाते नहीं। नवजोत सिद्धू यह भी कहती है कि यह सरकार तो अब चंद दिनों की मेहमान है।
माझा क्षेत्र से संबंधित शिरोमणि अकाली दल के तीनों वरिष्ठ अकाली नेता रतन सिंह अजनाला, पूर्व कैबिनेट मंत्री सेवा सिंह सेखवां और रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा रैली से नदारद रहे। इन नेताओं का रैली में न आना चर्चा का विषय बना रहा। इन नेताओं ने सुखबीर बादल पर पार्टी में सीनियर नेताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। हालांकि पार्टी से नाराज चल रहे एसजीपीसी के पूर्व प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ को अकाली दल मना कर रैली में लाने में सफल रहा।