गुरुग्राम: फेज-1 की चार एकड़ भूमि का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन, फेज-4 में तीन एकड़ भूमि पर रक्षा विभाग का 35 साल से कब्जा, फेज-6 में 0.5 एकड़ भूमि पर 25 साल से गौशाला और मंदिर, विशेष आर्थिक जोन गुरुग्राम में 65.28 कुल भूमि में से 56 एकड़ पर मकान, दुकान व फैक्टरी बनी हुई, 8 एकड़ के मामले कोर्ट में, 0.3 एकड़ कब्जा मुक्त कराई।
कुंडली: फेज-4 में 1.43 एकड़ भूमि का मामला कोर्ट में, 4.56 एकड़ कोर्ट के आदेश पर कब्जा मुक्त, 2 एकड़ से निगम ने अतिक्रमण हटाया 0.15 एकड़ अभी कब्जे में, 1.95 एकड़ का मामला भी कोर्ट में, सेक्टर-59, 60 में 95 एकड़ में से 42 एकड़ में कृषि की जा रही व 10 एकड़ का मामला कोर्ट में है।
खरखौदा: 0.87 एकड़ भूमि पर दुकानदारों का कब्जा था, कोर्ट के आदेश पर दूसरी जगह भूमि देकर कब्जा मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी।
फरीदाबाद: 11 एकड़ भूमि का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन। कुछ मामलों को निगम जीत चुका, कब्जाधारियों को जमीन खाली करने के आदेश।
रोहतक: 0.20 एकड़ पर कब्जा। निगम की ओर से जमीन खाली करने के लिए नोटिस भेजे गए।
समिति ने ये की सिफारिश
चेयरमैन असीम गोयल ने समिति की तरफ से सिफारिश की है कि अतिक्रमण हटाने के लिए उठाए गए कदमों की एचएसआईआईडीसी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्दी सौंपे। संबंधित कानून अधिकारियों का जमीनों को कब्जा मुक्त कराने में सफलता रेट कितना रहा, ये भी बताया जाए। जिन कानून अधिकारियों को सफलता रेट बेहद कम है, उन्हें तत्काल केस से हटाएं। उद्योग विभाग इस मामले में विभागीय समिति गठित कर गहन जांच कराए। जिन मामलों में कोर्ट केस नहीं है, उनमें तीन महीने के भीतर अवैध कब्जे हटाकर रिपोर्ट सौंपी जाए।