कश्मीर और पाकिस्तान जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों पर पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के दो सलाहकारों द्वारा की गई बयानबाजी से सोमवार को पंजाब का सियासी पारा चढ़ गया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को दोनों सलाहकारों को जमकर लताड़ा था। सोमवार को सांसद मनीष तिवारी ने भी कैप्टन की बात का समर्थन किया। तिवारी ने तल्ख अंदाज में सवाल किया कि पार्टी तो बहुत दूर की बात है, क्या ऐसे लोग देश में रहने लायक भी हैं।
वहीं कांग्रेस के नेता संदीप दीक्षित ने सिद्धू के सलाहकार द्वारा दिवंगत पीएम इंदिरा गांधी का विवादास्पद स्केच पोस्ट करने पर कहा कि यह आपत्तिजनक है। वे सिद्धू को सलाह देते हैं कि राजनीतिक रूप से उनसे दूरी बनाए रखें, उन्हें अपनी सीमा में रहने के लिए कहना चाहिए और उन चीजों पर टिप्पणी करना बंद कर देना चाहिए जिनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। विपक्षी दल अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने सवाल उठाया कि जब देश पाकिस्तान के खिलाफ था तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर किसने हाथ बढ़ाया और पाक सेना प्रमुख को किसने गले लगाया। चीमा ने कहा कि जब नवजोत सिंह सिद्धू ऐसे हैं, तो सलाहकारों की शिकायत क्यों करें।
रविवार को मुख्यमंत्री ने सिद्धू के दोनों सलाहकारों डा. प्यारे लाल गर्ग और मालविंदर सिंह माली को हिदायत दी थी कि वे प्रदेश प्रधान को सलाह देने तक ही सीमित रहें और संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी न करें। इन दोनों को सिद्धू ने हाल ही में अपना सलाहकार नियुक्त किया है। उल्लेखनीय है कि माली ने शनिवार को अपने फेसबुक पेज पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का विवादास्पद कार्टून पोस्ट करने के कुछ घंटों बाद ही कैप्टन पर भी निशाना साधते हुए उनके निजी जीवन से जुड़े फोटो पोस्ट करते हुए अभद्र टिप्पणी की थी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कश्मीर भारत का अटूट अंग था और अब भी है। उन्होंने कहा कि इसके उलट माली ने पाकिस्तान की हां में हां मिलाने वाला बयान दिया है, जो पूरी तरह देश विरोधी है। उन्होंने माली की निंदा करते हुए कहा कि ना सिर्फ अन्य पार्टियां बल्कि कांग्रेस द्वारा भी व्यापक रूप में निंदा किए जाने के बावजूद माली ने अपना बयान वापस नहीं लिया।