चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियां अब वार्डों के ड्रॉ के इंतजार में हैं। वार्डों के आरक्षण के बाद ही पार्टियां चुनावी मैदान में प्रत्याशी उतारने के लिए अपने पत्ते खोलेंगी। ड्रॉ में देरी होने पर विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग का स्पष्ट कहना है कि पिछले चुनावों की तरह ही इस बार वार्डों का ड्रॉ होगा। 19 अक्तूबर को वार्डों का ड्रॉ निकलने का अनुमान है।
नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्डों की संख्या 26 से बढ़कर 35 होने से कई पार्षदों के क्षेत्र बदल गए हैं। वहीं, नए उम्मीदवार को भी जीत की उम्मीद बंध गई है। वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाकर रिजर्व वार्ड तय किया जाना है। 35 वार्डों में से सात को आरक्षित किया जाना है। इनमें से तीन वार्ड महिला एससी वर्ग की उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगे। वहीं, शेष 28 में से 9 वार्ड सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों और पदाधिकारियों को फिलहाल आरक्षित वार्डों के ड्रॉ का इंतजार है। उसके बाद पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। वहीं, आम आदमी पार्टी से टिकट लेने के लिए कई नेता बेकरार हैं। उन्हें वार्ड आरक्षित होते ही अपनी दावेदारी पेश करनी है। हालांकि आप ने स्पष्ट कर दिया है सर्वे के बाद ही किसी को टिकट आवंटित किया जाएगा।