वल्टोहा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर बयान दिया था कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह और तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आरएसएस व भाजपा के दबाव के कारण ही अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को तनखाइया एलान किया है।
सुखबीर बादल कई बार जत्थेदार रघबीर सिंह से सिंह साहिबानों की बैठक जल्द से जल्द बुलाने की अपील भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक बैठक की तिथि घोषित नहीं की जा सकी है। जत्थेदार ने 30 अगस्त 2024 को सुखबीर को पूर्व अकाली सरकार के दौरान हुई गलतियों व गुनाहों के लिए तनख्याइयां घोषित किया था। ज्ञानी रघबीर सिंह ने वल्टोहा के इस बयान का कड़ा संज्ञान लेते हुए इस के सबूत अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर देने के आदेश दिए थे। वल्टोहा ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर भी आरएसएस व भाजपा के साथ संंबंध होने के आरोप लगाए। इसे लेकर वल्टोहा की आलोचना हो रही है।