आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने के लिए पुलिस के पास 90 दिन का समय होता है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता से काम कर चालान पेश किया। चालान की एक-एक प्रति सभी आरोपियों को दी जाएगी। इसके बाद चार्ज फ्रेम किया जाएगा।
यह था मामला
कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को आरोपी पकंज, मनीष, निशु कनीना से बाइक पर बैठाकर रेवाड़ी के एक खेत में बने कोठड़े में ले गए और छात्रा से गैंगरेप किया। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर आरएमपी डॉक्टर को बुलाकर प्राथमिक उपचार भी कराया। छात्रा की हालत में थोड़ा सुधार होने पर आरोपियों ने छात्रा के परिजनों को फोन पर सूचना दी और छात्रा को कनीना बस अड्डे पर छोड़कर फरार हो गए।
इसके बाद छात्रा के परिजन रेवाड़ी के महिला थाने में शिकायत देने गए तो उन्हें भगा दिया गया। शिकायत को भी फाड़कर फेंक दिया गया। पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बाद वारदात के दूसरे दिन जीरो एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद भी आरोपी गांव में घूमते रहे। दो दिन बाद एसआईटी का गठन किया गया। इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। एक आरोपी निशु जल्दी पकड़ में आ गया, लेकिन पंकज फौजी और दूसरे आरोपी कई दिनों बाद पकड़ में आए।