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Chandigarh: हेरिटेज फर्नीचर की संभाल के लिए फ्रेंच एंबेसी के पुलिस कमिश्नर डीजीपी से मिले, कही बड़ी बात

Thu, 30 Nov 2023 02:48 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हेरिटेज की संभाल के लिए फ्रांस सरकार काफी गंभीर है। एंबेसी ने मार्च 2022 में पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद नवंबर 2022 में फ्रांस का एक डेलिगेशन चंडीगढ़ पहुंचा और प्रशासन के सभी अधिकारियों से मिला। बाद में यह पता चला कि यह पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री को नहीं बल्कि चंडीगढ़ के प्रशासक को लिखना चाहिए था।
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प्रशासक से मिलते फ्रेंच एंबेसी के पुलिस कमिश्नर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ प्रशासन हेरिटेज फर्नीचरों की विदेशों में हो रही नीलामी को नहीं रोक पा रहा है। एक साल पहले ली कार्बूजिए फाउंडेशन का एक डेलिगेशन सलाहकार से मिला था। उन्होंने हेरिटेज आइटम्स की संभाल के लिए कई सुझाव दिए थे। प्रशासन ने भी कई वादे किए थे लेकिन एक साल तक कुछ नहीं हुआ। 

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अधिकारियों को इस मुद्दे पर जगाने के लिए फ्रेंच एंबेसी के पुलिस कमिश्नर फैब्रिस कोटेल चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने डीजीपी-एसएसपी से मुलाकात भी की।

फैब्रिस कोटेल ने अमर उजाला को बताया कि एक साल पहले वह डेलिगेशन के साथ प्रशासन के अधिकारियों से मिले थे। कई स्तर की बातचीत हुई थी। कई अहम फैसले भी हुए थे लेकिन उसके बाद से चीजें काफी धीमी पड़ गई, जिसकी वजह से ही उन्हें फिर चंडीगढ़ आना पड़ा। बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी से मुलाकात की है। चर्चा हुई है कि पुलिस हेरिटेज के मामलों में सहायता करेगी। लीगल चैनल खोले जाएंगे। 

पुलिस की तरफ से बताया गया कि चंडीगढ़ में हेरिटेज फर्नीचर की चोरी से संबंधित कुल आठ मामले लंबित हैं। आश्वासन दिया है कि जल्द ही इन मामलों को सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कल्चरल ट्रैफिकिंग एक नई और जटिल समस्या है, जो पिछले 10-15 सालों में पैदा हुई है। क्योंकि 2011 से पहले चंडीगढ़ के फर्नीचर को लेकर कोई ठोस नियम नहीं था। 
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फैब्रिस कोटेल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के 2011 में जारी किए गए आदेश पर भी कई सवाल उठाए। कहा कि वह आदेश पर्याप्त नहीं है। उसमें सभी हेरिटेज आइटम्स की जानकारी नहीं है, जिसकी वजह से वह अच्छे से काम नहीं कर पा रहा।

चंडीगढ़ के हेरिटेज चोरी की सीबीआई ने जांच से किया मना
फैब्रिस कोटेल ने बताया कि उन्होंने सीबीआई से भी इस मामले में दखल देने की मांग की थी लेकिन सीबीआई ने मना कर दिया। बताया कि सीबीआई एंटीक आइटम्स की चोरी के मामले में जांच कर सकती है लेकिन चंडीगढ़ के हेरिटेज आइटम्स एंटीक में नहीं आते हैं, क्योंकि एंटीक के लिए उस वस्तु को 100 साल पुराना होना चाहिए लेकिन चंडीगढ़ के आइटम्स 100 साल पुराने नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्रीय गृह मंत्रालय चंडीगढ़ के हेरिटेज आइटम्स को आर्ट ट्रेजर घोषित करता है तो वह आर्ट ट्रेजर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए।

फ्रांस में चार-पांच लोग कर रहे नीलामी, उनके पास कागज मौजूद
फैब्रिस कोटेल ने बताया कि चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम प्रोटेस्ट प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा की तरफ से उन्हें जिस भी नीलामी की सूचना मिलती है, उसकी जांच कराते हैं। नीलामी घर में जाकर आइटम की भी जांच की जाती है। फ्रांस में चार से पांच ही ऐसे व्यक्ति हैं, जो हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी में शामिल है। जांच के दौरान नीलामी घर आइटम्स के कागज भी दिखा देते हैं। वह बोलते हैं यह हेरिटेज फर्नीचर 2011 में नियम बनने से पहले से ही उनके पास है। ऐसे में पुलिस ज्यादातर मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कर पाती।

एंबेसी ने पंजाब सीएम को लिख दिया पत्र
फैब्रिस कोटेल ने बताया कि हेरिटेज की संभाल के लिए फ्रांस सरकार काफी गंभीर है। एंबेसी ने मार्च 2022 में पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। इसके बाद नवंबर 2022 में फ्रांस का एक डेलिगेशन चंडीगढ़ पहुंचा और प्रशासन के सभी अधिकारियों से मिला। बाद में यह पता चला कि यह पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री को नहीं बल्कि चंडीगढ़ के प्रशासक को लिखना चाहिए था। इसलिए अब एबेंसी जल्द ही चंडीगढ़ के प्रशासक को पत्र लिखेगा और हेरिटेज से जुड़े कई मुद्दे उसमें उठाए जाएंगे। बताया कि पंजाब सीएम को भेजे पत्र में गृह मंत्रालय के 2011 के आदेश को मजबूत करते, हेरिटेज फर्नीचर की पहचान करने, उसके रखरखाव की व्यवस्था समेत कई मुद्दे उठाए गए थे।

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