प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मेहताब सिंह गिल और प्रमुख सचिव (गृह मामले एवं न्याय) अनुराग वर्मा शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक की जांच के लिए पंजाब सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मेहताब सिंह गिल और प्रमुख सचिव (गृह मामले एवं न्याय) अनुराग वर्मा शामिल होंगे। प्रवक्ता ने कहा कि समिति तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
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बेहद असुरक्षित एरिया में रुका था पीएम का काफिला
बुधवार को पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिरोजपुर में दौरा था। इस दौरान उनका काफिला तकरीबन 20 मिनट बेहद असुरक्षित एरिया में रुका रहा। जिस इलाके में मोदी का काफिला रुका था, वह आतंकियों के अलावा हेरोइन तस्करों का गढ़ माना जाता है। पिछले साल सितंबर माह में इसी क्षेत्र में आतंकी वारदात को अंजाम दिया गया था। लिहाजा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा पीएम सिक्योरिटी के तमाम अधिकारियों के चेहरे पर शिकन पैदा होना जायज था। इसके बाद से पंजाब में सियासत गरमा गई थी।
पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में एक शिष्टमंडल राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंच गया है। पंजाब सरकार ने फिरोजपुर में फंसे प्रधानमंत्री काफिले और बाद में लौटने के मामले को सुरक्षा में चूक नहीं माना है। लेकिन इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर हुई सुरक्षा में चूक पर पंजाब सरकार व केंद्र में टकराव के आसार बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार के तमाम मंत्रियों व नेताओं ने पंजाब सरकार पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया तो सीएम चन्नी भी आक्रामक अंदाज में सामने आ गए हैं। पंजाब में चुनाव आचार संहिता लगने का वक्त भी निकट आ चुका है, ऐसे में पंजाब के पुलिस अधिकारियों को जवाबतलबी के लिए दिल्ली बुलाया जा सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा है कि जवाबदेही तय की जाएगी। हालांकि पंजाब के सीएम चन्नी ने सुरक्षा चूक में साफ इनकार किया है।