फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान खरीद: करनाल में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग सतर्क, अन्य जिलों में भी होगा मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन

Fri, 15 Oct 2021 03:38 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

कई जिलों में तो गुरुवार को जांच का कार्य भी शुरू हो चुका है। करनाल के मामले में कई अन्य अधिकारियों की भी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
धान की खरीद, सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करनाल में 3.92 करोड़ रुपये की करीब 20 हजार क्विंटल धान की फर्जी खरीद का मामला सामने आने के बाद प्रदेश सरकार गंभीर है। मामले में 5 अधिकारियों और करीब 28 आढ़तियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के बाद अब सरकार ने फैसला लिया है कि अन्य जिलों में भी मिलों की फिजिकल वेरिफिकेश कराई जाएगी, ताकि गड़बड़ी को रोका जा सके। उधर, मिलर्स और आढ़तियों में भी हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन



मुख्यालय और जिला स्तर पर मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए टीमों का गठन कर लिया गया है। कई जिलों में तो गुरुवार को जांच का कार्य भी शुरू हो चुका है। करनाल के मामले में कई अन्य अधिकारियों की भी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि गड़बड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिनका भी दोष होगा, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। 


यह भी पढ़ें: हरियाणा: मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों से जल्द पानी निकासी कराने के दिए निर्देश, सभी उपायुक्तों के साथ की वर्चुअल बैठक
विज्ञापन



हैफेड के एमडी और चेयरमैन ने किया मंडियों का दौरा
हैफड के एमडी ए श्रीनिवास और चेयरमैन कैलाश भगत ने कुरुक्षेत्र और अंबाला की अलग-अलग मंडियों का दौरा किया और खरीद का जायजा लिया। राज्यभर में हैफेड को आवंटित 127 मंडियों और खरीद केंद्रों से 6.24 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की है, जो राज्य में 19.83 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद का लगभग 32 प्रतिशत है। यह खरीद 15 नवंबर तक चलेगी।


हैफेड के एमडी ने बताया कि मंडियों से अब तक 50 प्रतिशत धान उठा लिया गया है और कस्टम मिलिंग के लिए विभिन्न चावल मिलों को आवंटित भी कर दिया गया है। किसानों का भुगतान भी 24 से 48 घंटे के भीतर जारी किया जा रहा है, जबकि लक्ष्य 72 घंटे का है। हैफेड ने 439 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में डाले हैं।
विज्ञापन



आधे भाव में बेचना पड़ रहा बाजरा, कहां है एमएसपी का वादा : दीपेंद्र  
प्रदेश में एमएसपी पर बाजरे की खरीद नहीं होने पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि किसान मजबूरी में बाजरे को आधे रेट पर बेचने को मजबूर हैं। एमएसपी का वादा करने वाले भाजपा नेताओं के वादे का क्या रहा। हुड्डा ने कहा कि सरकार ने बाजरे की एमएसपी 2250 प्रति क्विंटल घोषित की है, मगर ये सिर्फ कागजों पर है। मंडियों में किसान को बाजरे का 1200 रुपये तक ही भाव मिल रहा है। क्या ऐसे दोगुना होगी किसानों की आय। इसी प्रकार, किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है और धान खरीद के बाद किसानों को कई दिन बाद भी पेमेंट नहीं मिल रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें