पीजीआई के प्रो. दिगंबर बेहरा को पदमश्री से सम्मानित करते राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
- फोटो : अमर उजाला
फेफड़ों के कैंसर की कीमोथेरेपी के अग्रणी एवं पीजीआई के पूर्व डीन रिसर्च प्रो. दिगंबर बेहरा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री से सम्मानित किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में वह लगातार 40 साल से जुड़े हुए हैं। उनके योगदान को देखते हुए ही उनका नाम इस पुरस्कार के लिए चुना गया।
पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के हेड रहे प्रो. दिगंबर बेहरा को यह पुरस्कार आठ नवंबर को राष्ट्रपति भवन में दिया गया। इस दौरान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व तमाम कैबिनेट मंत्री उपस्थित रहे। प्रो. बेहरा को इससे पहले 29 राष्ट्रीय व 7 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। वह इसी साल अप्रैल में पीजीआई से सेवानिवृत्त हुए हैं। वर्तमान में फोर्टिस अस्पताल मोहाली में वह अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्रो. बेहरा का सफर इस तरह शुरू हुआ
ओडिशा के रहने वाले प्रो. बेहरा ने वर्ष 1978 में एससीबी मेडिकल कॉलेज (उत्कल विश्वविद्यालय) से स्नातक की पढ़ाई पूरी की फिर वे पीजीआईएमईआर में मेडिसिन विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में शामिल हुए। प्रो. बेहरा ने 1980 में पीजीआईएमईआर से एमडी की डिग्री ली। वर्ष 1984 में एक संकाय सदस्य के रूप में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में शामिल हुए और वर्ष 2000 में प्रोफेसर के पद पर पदोन्नत हुए।
प्रो. बेहरा ने पीजीआई में डीन (अनुसंधान) और पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख के रूप में भी काम किया। उन्होंने पांच साल की अवधि के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टीबी एंड रेस्पिरेटरी डिजीज के निदेशक के रूप में भी काम किया। वह इंडियन सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ लंग कैंसर के संस्थापक अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वह इंडियन चेस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के लिए राष्ट्रीय कार्य बल के अध्यक्ष हैं।