हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा उठा लो डंडे और जैसे को तैसा विवादित बयान के मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका वापस लेने की छूट देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
जींद निवासी चंद्र शेखर व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री आवास पर 3 अक्तूबर को बीजेपी की किसान विंग की बैठक ली थी। इस दौरान का उनका एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कार्यकर्ताओं को डंडा उठाकर जैसे को तैसा की बात कही जा रही है। याची ने कहा कि इस प्रकार का बयान ब्रिटिश काल जैसा है जो भाई को भाई से लड़ाकर राज करने वाला है।
याची ने कहा कि मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री बनते हुए संविधान और कानून व्यवस्था हेतु शपथ ली थी और यह बयान सीधे तौर पर उस शपथ को तोड़ने वाला है। इस वीडियो के वायरल होने से वह भी उस वक्त जब खीरी में इतनी हिंसा हुई देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाला है।
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ऐसे में मनोहर लाल से पूछा जाए कि कैसे वह इस पद पर बने रहने के लायक हैं। याची ने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वाले व्यक्ति को इस प्रकार के अहम पद पर बने रहने का कोई अधिकार हनीं है। साथ ही यह भी कहा कि इस बयान के बाद यदि हिंसा की कोई भी घटना होती है तो उसमें दर्ज होने वाली एफआईआर में मनोहर लाल को आरोपी बनाया जाए, क्योंकि यह सब ऐलानाबाद उप चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।