जूनियर इंजीनियर्स की भर्ती के लिए परीक्षा देने वाले आवेदकों के लिए बुरी खबर। एग्जाम का रिजल्ट रद्द हो सकता है। रिजल्ट के खिलाफ कैट में याचिका दायर की गई है। यूटी प्रशासन की ओर से आयोजित परीक्षा में आउट ऑफ सिलेबस सवाल पूछने और गलत ‘आंसर की’ जारी करने पर बठिंडा निवासी परीक्षार्थी मोहित बंसल ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) में याचिका दायर कर रिजल्ट रद्द करने की मांग की है।
याचिका में चंडीगढ़ प्रशासन, चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, कंस्ट्रक्शन सर्कल-1 व इंडस्ट्रियल एरिया, फे ज-8 स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग को इसके डायरेक्टर के जरिए प्रतिवादी बनाया गया है। मोहित ने याचिका में मांग की है कि 23 सितंबर, 2016 को कंबाइंड प्रोविजनल रिजल्ट को रद्द किया जाए।
संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए कैट ने प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी कर 8 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा है कि अंतरिम आदेश तक परीक्षा को लेकर कोई भी नियुक्ति संबंधित याचिका के परिणाम पर निर्भर करेगी। जनरल कैटेगरी में टॉप 21 में 110 नंबर वाले शामिल हैं और याचिकाकर्ता के 109 अंक हैं।
पहले 7 पदों के लिए विज्ञापन था, बाद में सीटें बढ़ाई
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मोहित बंसल का कहना है कि प्रतिवादी पक्ष ने 29 जून, 2015 को बिल्ड़िग एंड रोड विंग में जूनियर इंजीनियर की 24 पोस्ट और पब्लिक हेल्थ विंग में सात पदों के लिए विज्ञापन दिया था। बाद में सामान्य श्रेणी में दोनों विंग में 1-1 पोस्ट बढ़ा दी गई।
परीक्षा में बैठने के लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री और डिप्लोमा आवश्यक था। याचिकाकर्ता ने इसमें डिग्री की हुई है। उन्होंने बिल्ड़िग एंड रोड विंग में सामान्य श्रेणी में ऑनलाइन अप्लाई किया था। इसके लिए दो लिखित परीक्षा होनी थी। इनमें वैकल्पिक सवाल पूछे जाने थे।
दोनों परीक्षाओं में सामान्य श्रेणी में 45 प्रतिशत अंक और एससी श्रेणी में 40 प्रतिशत क्वालिफाइंग मार्क्स थे। नियुक्ति में इंटरव्यू शामिल नहीं था। 17 जुलाई 2016 को परीक्षा हुई। 19 जुलाई को प्रतिवादी पक्ष ने ‘आंसर की’ जारी की। इसके बाद प्रतिवादी पक्ष ने विज्ञापन जारी कर ‘आंसर की’ को लेकर 22 जुलाई तक आपत्तियां मांगी।
याचिकाकर्ता ने 13 सवालों पर आपत्तियां जताई
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याचिका के मुताबिक इसमें परीक्षार्थियों के नंबर नहीं दिए गए थे। ऐसे में याचिकाकर्ता ने कहा कि ‘आंसर की’ में आपत्तियां कैसे दर्ज करवा सकते हैं। कोई चारा न होने पर याचिकाकर्ता ने दोनों पेपरों को लेकर 13 सवालों पर आपत्तियां जताईं।
इसके अलावा ऑउट ऑफ सिलेबस के सात सवालों पर भी आपत्तियां जताई। इसके बाद 23 सितंबर को बिना रिवाइज्ड आंसर की अपलोड किए कंबाइंड प्रोविजनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया। इसमें याचिकाकर्ता के 109 अंक थे।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने 26 सितंबर को अपनी रिप्रजेंटेशन दी, जिसमें रिवाइज्ड आंसर की जारी करने और वास्तविक मेरिट की मांग की गई। 28 सितंबर को प्रतिवादी पक्ष ने रिवाइज्ड आंसर की जारी कर दी। इसमें सवालों के नए जवाब दिखाए गए।