एनआरआई मिलनी में एनआरआई ने शिकायत की है कि किसान आंदोलन के बाद से कनाडा से भारत आने के लिए ई-वीजा की दिक्कत पैदा हो गई है। सरकार जानबूझ कर वीजा नहीं दे रही है और बिना कारण इनकार किया जा रहा है। इस मौके पर ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को केंद्र के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी और दिक्कतों का हल करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनआरआई ने राज्य में 300 करोड़ निवेश का प्रस्ताव रखा है।
शुक्रवार को सेंट सोल्जर कॉलेज में एनआरआई मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान एनआरआई ने एक सुर में शिकायत की है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बने सात माह से अधिक हो चुके हैं लेकिन अफसरशाही का रवैया एनआरआई के प्रति नहीं बदला है। उनको राजस्व व पुलिस की शिकायतों में उलझाया जा रहा है।
कनाडा से आए मनिंदर गिल व सुखविंदर सुक्खी ने कहा कि किसानी आंदोलन के बाद ई वीजा की दिक्कत पैदा हो गई है। बिना कारण वीजा देने से इन्कार किया जा रहा है। कनाडा में पीआर व सिटीजनशिप ले चुके भारतीय मूल के लोगों को वीजा के लिए परेशानी हो गई है और सात-सात माह तक वीजा आवेदन अटके रहते हैं।
इस दौरान भारतीय मूल के विदेशियों ने अपनी शिकायतों को मंत्री के समक्ष रखा। 100 से अधिक शिकायतें मंत्री के पास पहुंचीं, जिनमें अधिकतर पुलिस व राजस्व विभाग के खिलाफ थीं। एनआरआई का कहना था कि उनकी जमीनों के विवाद कई सालों से लटके हुए हैं और कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
- एनआरआई मिलनी एक सकारात्मक कदम है और उन्होंने मेरे समक्ष 300 करोड़ रुपये पंजाब में निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। जिस पर उन्होंने अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है ताकि एनआरआई को पंजाब में निवेश के लिए पूरी मदद मिल सके। इस दौरान विधायक बलकार सिंह समेत तमाम विधायक व नेता मौजूद थे। कुलदीप सिंह धालीवाल, ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री, पंजाब।