किराया चुकाना हुआ मुश्किल
मुझे मलोया में दूसरे तल पर मकान मिला है। महीने का किराया काफी ज्यादा है। इसके बाद पानी और बिजली का बिल भी चुकाना होता है। इससे जेब पर काफी बोझ बढ़ गया है। दिहाड़ीदार लोगों के लिए इतना पैसा देना मुश्किल हो रहा है।
- संजय, मलोया निवासी
खर्चे कई गुना बढ़े, कमाई वही
यहां आने के बाद से खर्चे कई गुना बढ़ गए हैं, लेकिन कमाई उतनी ही है। किराया काफी ज्यादा है। उसके ऊपर बिजली और पानी का बिल। लोग बहुत परेशान हैं। प्रशासन को किराया कम करना चाहिए ताकि लोग राहत की सांस ले सकें।
- रविंदर कुमार, मलोया निवासी
कम होना चाहिए किराया
किराया ज्यादा होने की वजह से कई लोग चुका नहीं पा रहे हैं। किराया नहीं चुकाने की वजह से बोर्ड द्वारा उन्हें डिफॉल्टर की सूची में डाला जा रहा है और मकान के आवंटन को रद्द करने की धमकी दी जा रही है। किराया कम होना चाहिए।
- शिव गोपाल, मलोया निवासी
हर महीने 4000 रुपये देना बहुत मुश्किल
ज्यादातर लोग मकान का किराया, बिजली और पानी के हर महीने 4000 रुपये चुकाने में असमर्थ हैं। प्रशासन के अधिकारियों को समझना चाहिए कि मलोया जाने के बाद लोगों के कई तरह के खर्च बढ़ गए हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
- सुरिंदर, मलोया निवासी
किफायती किराया आवासीय योजना के तहत हर महीने तीन हजार रुपये का जो किराया तय किया गया है, वह बाजार दाम के अनुसार है। इसके अलावा एक कमेटी ने लोगों से बातचीत व सर्वे के बाद यह दाम तय किया था। किराये के दाम को प्रशासन ने भी मंजूरी दी है। - यशपाल गर्ग, सीईओ, सीएचबी