गांव मलोया के लाडी पन्नू और उनके परिवार ने कोरोना काल के दौरान लगभग पांच हजार मास्क बनाए और जरूरतमंदों में बांटे। लाडी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने पाया कि कई लोगों के पास मास्क नहीं थे। पहले अपनी जमापूंजी से मास्क बांटे। इसके बाद लोगों से मदद मांगकर घर पर बहन और मां ने मास्क बनाए। उसके बाद वे और उनके पिता जगह-जगह जाकर मास्क बांटते थे। मजदूरों के पलायन के दौरान भी उन्होंने लोगों की मदद की।
कोरोना काल से चल रहा जूस का लंगर
सेक्टर-20-सी स्थित गुरुद्वारा कलगीधर खेड़ी में कोरोना काल से जूस का लंगर चल रहा है। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान गुरिंदर बीर सिह हैप्पी ने बताया कि कोरोना से लड़ने में शरीर की इम्युनिटी बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए रोजाना एक से डेढ़ घंटे के लिए जूस का लंगर लगाया जाता है, ताकि लोग अपने शरीर को अंदर से मजबूत कर सकें। इसके अलावा गुरुद्वारा साहिब की ओर से जीएमएसएच-16, जीएमसएच-32, बुड़ैल जेल, पुलिस मुख्यालय व नगर निगम के कोरोना योद्धाओं को जूस, दलिया व ओट्स दिए, ताकि योद्धा भी कोरोना से लड़ सकें।
पैरा ओलंपिक खिलाड़ी ने डेढ़ लाख रुपये की राशि दी
पैरा ओलंपिक टेबल टेनिस खिलाड़ी मुकेश और उनकी पत्नी पूनम ने खेल में जीती करीब डेढ़ लाख रुपये की राशि पीएम केयर फंड में दान दे दी। दोनों ही दिव्यांग हैं। उनका बेटा यजत (11) टेबल टेनिस का स्टेट चैंपियन है। उसने भी लोगों की मदद के लिए अपनी गुल्लक में जमा पांच हजार की राशि राहत कोष में दी। राशि देने के अलावा दंपती ने जगह-जगह सैनिटाइजर, साबुन और मास्क बांटे। इसके अलावा उन्होंने कई एनजीओ की भी मदद की।
पीपीई किट, मास्क व सैनिटाइजर बांटे
इंडस्ट्री एसोसिएशन पंचकूला के प्रधान रमेश अग्रवाल ने कोरोना योद्धाओं को पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान वह सुबह सात बजे घर से निकल जाते थे और सारा काम करने के बाद रात को सात बजे घर लौटते थे। लॉकडाउन के दौरान वे अपने परिचितों के घर से रोटी, सब्जी इकट्ठा करते थे और एक सेंटर में ले जाते थे। वहां पैकिंग होती थी। इसके बाद वहीं से खाना सभी में वितरित होता था।