चंडीगढ़। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (पेक) के उन विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है जो रहने के लिए पीजी या किराए के कमरों का सहारा लेते हैं। इन सभी के लिए पेक की ओर से छात्रावास बनाया जाएगा। इस छात्रावास की क्षमता 600 विद्यार्थियों की होगी। छात्रावास का प्रस्ताव तेजी से बनाया जा रहा है।
पेक में विद्यार्थियों की संख्या 3300 से अधिक है। बीटेक, एमटेक के विद्यार्थी यहां पहुंचते हैं। पेक के पास वर्तमान में छह छात्रावास हैं, जिनमें दो लड़कियों के और चार लड़कों के छात्रावास शामिल हैं। इन छात्रावासों में लगभग 1500 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था है, जबकि 2200 से अधिक विद्यार्थी छात्रावास की हर साल मांग करते हैं। इसी को देखते हुए पेक प्रशासन ने यूटी प्रशासन के समक्ष प्रस्ताव रखा और छात्रावास का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए। बताया जाता है कि अन्य छात्रावासों से अधिक छात्र इस नए छात्रावास में रह सकेंगे। हालांकि अभी प्रस्ताव पूरा तैयार नहीं हो पाया है।
छात्रावासों की कमी भी एमटेक में कम छात्रों के आने का कारण
एमटेक में हर साल दाखिले कम हो रहे हैं। उसका एक कारण यह भी माना गया है कि विद्यार्थियोें के रहने के पूरे बंदोबस्त नहीं हैं। छात्रावास आदि न होने के कारण उन्हें किराये पर कमरे लेने पड़ते हैं या फिर पीजी आदि में भी विद्यार्थी जाते हैं। इससे उन पर आर्थिक भार अधिक पड़ता है।
50 किमी दायरे वाले छात्रों को छात्रावासों से दूर रखना होगा
पेक में चंडीगढ़ कोटे के तहत तमाम विद्यार्थी पढ़ते हैं। चंडीगढ़ कोटे का लाभ तभी मिलता है, जब विद्यार्थी चंडीगढ़ के रहने वाले हों या फिर यहां से इंटर की हो। जानकारों का कहना है कि कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो चंडीगढ़ कोटे में होते हुए भी छात्रावासों की मांग करते हैं। ऐसे में बाहरी विद्यार्थियों को छात्रावास नहीं मिल पाते। सूत्रों का कहना है कि 50 किमी के दायरे में जिन विद्यार्थियों के घर हैं, उन्हें छात्रावासों में जगह नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि नया छात्रावास बनेगा तो काफी हद तक समस्याएं हल हो जाएंगी।
क्या कहते हैं निदेशक
छात्रावासों की मांग छात्र करते हैं, लेकिन छात्रावासों की संख्या कुछ कम है। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। एक छात्रावास बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। -प्रो. बलदेव सेतिया, निदेशक पेक