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पवन खेड़ा का बड़ा बयान: पंजाब और हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी नहीं, नेताओं की कार्यप्रणाली अलग-अलग

Sun, 31 Oct 2021 11:38 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पवन खेड़ा का कहना है कि पंजाब और हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है। इस दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा। वहीं विनोद राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। 
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पवन खेड़ा
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विस्तार
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी व टकराव नहीं है। नेताओं की कार्यप्रणाली अलग-अलग है। सब बड़े नेता अपने हिसाब से दोनों राज्यों में काम कर रहे हैं। संगठन व सीएलपी नेता का अपना-अपना काम होता है। दोनों के अलग-अलग कार्यक्रमों को गुटबाजी नहीं कह सकते।

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बकौल, खेड़ा कांग्रेस पार्टी पूर्व कैग विनोद राय के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कुछ नेताओं के साथ मिलकर चुनी हुई यूपीए सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचा। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व सांसद संजय निरूपम से तो माफी मांग ली, वे देश से भी माफी मांगें। उन्होंने कोल आवंटन व टूजी स्पेक्ट्रम पर भ्रम फैलाने का काम किया है। 

केंद्र सरकार को राय के खिलाफ जांच बिठानी चाहिए। साथ ही वे सेवानिवृत्ति के बाद अन्य पदों पर आसीन रहने के दौरान मिले वित्तीय लाभ सरकार को लौटाएं। वह पूछना चाहते हैं कि अब लोकसभा में कैग रिपोर्ट पर चर्चा क्यों नहीं होती। कैग रिपोर्ट को क्यों दबाया जा रहा है। 
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प्रशांत किशोर को लिया आडे़ हाथ
कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रशांत किशोर को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूछा कि वह रणनीतिकार हैं या राजनीतिज्ञ। उन्हें एक का ही गुरु बनाना चाहिए। हर किसी से गुरु दक्षिणा न लें। वह पैसे लेकर काम करते रहें। हर राज्य में गुरु बनाकर दक्षिणा लेने का काम न करें।

सेंट्रल एक्साइज में कटौती कर घटाएं पेट्रोल डीजल के दाम
केंद्र सरकार को सेंट्रल एक्साइज में कटौती कर पेट्रो पदार्थों की कीमतों में कमी लानी चाहिए। सरकार ने अब तक सेंट्रल एक्साइज से 4 लाख 26 हजार करोड़ रुपये कमा लिए हैं। कांग्रेस शासित राज्यों के सीएम ने केंद्र से पेट्रो पदार्थों को जीएसटी में लाने की मांग की है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमत 60 रुपये नीचे आ जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकपाल के लिए आंदोलन करने वाले अन्ना हजारे, किरण बेदी, अरविंद केजरीवाल, वीके सिंह व रामदेव अब भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व महंगाई के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाते। अन्ना को इन मुद्दों पर रालेगण सिद्घि से बाहर निकलना चाहिए। 

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