जांच कमेटी के सदस्य एडीसी चारु मीता ने बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जो जमीन लोगों से खरीदी गई, उस एरिया के पटवारी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर अपने किसी रिश्तेदार के खाते में रकम जमा करवा दी। जमीन के असल मालिक को पता लगने पर मोगा डीसी को शिकायत दी। इसके बाद उन्होंने ने एक जांच कमेटी बनाई।
कमेटी की जांच में पटवारी नवदीप सिंह दोषी पाया गया। इसके बाद एक करोड़ 15 लाख रुपये की वसूली कर पटवारी को नौकरी से निलंबित कर दिया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत जितनी भी जमीन आएगी, उसके दस्तावेजों की जांच जाएगी। इसके बाद इस मामले में चार्जशीट तैयार कर अगली कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में शिकायतकर्ता संदीप संधू ने मीडिया के सामने अभी कुछ बोलने से मना कर दिया। उनका कहना है कि इस मामले में कई और खुलासे होंगे जोकि कुछ ही दिनों में प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा किए जाएंगे।