चंडीगढ़ पीजीआई प्रशासन ने मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में ओपीडी का संचालन शुरू तो कर दिया है लेकिन उससे ज्यादा मरीजों को अब भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण पंजीकरण के लिए टेलीकंसल्टेशन द्वारा जारी नंबर पर कॉल कर पंजीकरण को अनिवार्य किया जाना है।
हजारों मरीज, चंद लाइनें
सामान्य दिनों में पीजीआई में चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और अन्य प्रदेश के लाखों मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसी स्थिति में कोरोना के कारण ओपीडी सेवा बंद हो जाने से उनका इलाज बाधित हो गया है।
टेलीकंसल्टेशन के माध्यम से पंजीकरण के बाद ओपीडी में दिखाने की सुविधा मिलने की सूचना पर हर दिन पंजीकरण के लिए तय किए डेढ़ घंटे की समय सीमा के अंदर हजारों लोग कॉल कर रहे हैं। इस कारण जारी किए गए नंबर व्यस्त मिलने की समस्या सभी के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण के नंबरों की लाइनें बढ़ाई गई हैं। मरीजों की संख्या काफी ज्यादा होने के कारण इस तरह की समस्या आ रही है। -प्रो जगतराम, निदेशक, पीजीआई