पंजाब में खनन बंद होने का फायदा उठा रहे हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के क्रशर संचालक
बता दें कि जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से रोजाना खनन सामग्री से लदे कई ट्रक पठानकोट के रास्ते पंजाब में प्रवेश करते हैं। उक्त ट्रक पूरा टैक्स जमा नहीं करवाते। ट्रकों में लदे माल से कम की पर्ची कटवाई जाती है। ऐसे में इन ट्रकों में लदी खनन सामग्री अवैध मानी जाती है। वहीं, सस्ता माल लाकर पठानकोट व अन्य जगहों पर दोगुने दामों पर बेचकर चांदी कूटी जा रही है। डीसी ने कहा कि जांच में कई ट्रकों की पर्चियां के मुकाबले दोगुना मैटीरियल लदा पाया गया।
डीसी बोले- खनन माफिया ने बदला काम का तरीका
डीसी हरबीर सिंह ने कहा कि खनन माफिया से जुड़े लोगों ने अवैध खनन की सप्लाई के लिए नया तरीका इजाद किया है। पहले खुले ट्रकों या टिप्परों में खनन सामग्री सप्लाई की जाती थी। अब पंजाब में सख्ती होने के कारण हिमाचल और जम्मू कश्मीर से आने वाले लोग पुलिस और खनन विभाग को चकमा देने के लिए खनन सामग्री से लदे ट्रक को तिरपाल से ढककर लाते हैं। खनन सामग्री को खाद्य सामग्री की तरह ढककर लाया जा रहा है, ताकि उन्हें रोका न जाए। ऐसे कई मामले सामने आए हैं और अब खनन माफिया की इस योजना पर भी पानी फिर चुका है।
डीसी हरबीर सिंह ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि हिमाचल प्रदेश से अवैध खनन सामग्री से लदे ट्रकों का काफिला पठानकोट की ओर आ रहा है। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और कुछ ट्रकों को पकड़ कर कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि कुछ ट्रक होशियारपुर की तरफ भाग निकले। इस बारे में स्थानीय प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है। डीसी ने कहा कि एक ट्रक चालक ने उन्हें कई बार टक्कर मारने का प्रयास किया लेकिन वह उस ट्रक को पकड़ने में सफल रहे।