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पासपोर्ट कार्यालय ने बढ़ाया हिंदी का मान, दो बार पा चुका है राजभाषा सम्मान

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चंडीगढ़। जन सुविधाएं देने वाले कार्यालय चंडीगढ़ में बहुत हैं, लेकिन जनता को आसान भाषा में समझाकर उनकी समस्याओं का निराकरण कुछ ही कार्यालय कर पाते हैं। उन्हीं में शामिल है क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय। इस कार्यालय ने हिंदी भाषा का सर्वाधिक प्रयोग करदो बार राजभाषा सम्मान पाया है। इस साल भी विभाग की ओर से तैयारी चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी पुरस्कार इस विभाग के हाथ लगेगा। अन्य विभागों को भी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से सीख लेनी चाहिए।
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पासपोर्ट कार्यालय विदेश मंत्रालय से जुड़े हैं। यहां पूरी तरह गोपनीय काम होता है। लोगों का लगता है कि यहां अधिकांश कार्य अंग्रेजी में होता होगा, लेकिन उनकी सुविधा के लिए मातृभाषा में काम होता है। यहां के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की वेबसाइट पर भी हिंदी भाषा का जिक्र है। जरूरी नोटिस लोगों को अंग्रेजी के अलावा हिंदी में दिखते हैं। विभाग की ओर से जागरूकता के जितने भी कार्यक्रम होते हैं, वह हिंदी भाषा में होते हैं। विभाग में जगह-जगह हिंदी के शब्दों का प्रयोग किया गया है। अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम भी हिंदी में लिखे हैं। उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी जानकारी हिंदी में दी गई है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय हरियाणा व पंजाब के कई जिलों का संचालन करता है। जिलों में पासपोर्ट सेवा केंद्र बने हैं। वहां भी हिंदी के प्रयोग पर बल दिया गया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शिबास कविराज का कहना है कि हिंदी का हम सर्वाधिक प्रयोग करते हैं और इसको लेकर पुरस्कार भी मिले। इस साल भी कोशिश कर रहे हैं कि राजभाषा सम्मान पाएं। इन सम्मान के लिए पूरा स्टाफ ईमानदारी से कार्य करता है। पासपोर्ट आवेदनों का निपटारा किया जाता है। कोई भी शिकायत हम लंबित नहीं रहने देते।
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