मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर की अनुसूचित जाति को लेकर की गई अहम घोषणा के बाद शुक्रवार को कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के अनुसूचित जाति के कुछ विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में विधायकों ने दो मंत्री पद और पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले की जांच में तेजी लाने की मांग रखी। नए प्रधान ने विधायकों को उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया।
बैठक में विधायक राजकुमार वेरका, अरुणा चौधरी, कुलदीप वैद्य, लखबीर लक्खा, राजकुमार झब्बेवाल सहित कार्यकारी प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी भी शामिल हुए। बैठक में दो मंत्री पद दिए जाने की मांग के साथ ही पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले की जांच को लेकर विधायकों ने नए प्रधान के साथ चर्चा की।
विधायकों ने संविधान में 85वें संशोधन का मुद्दा भी उठाया। सभी विधायकों ने एक सुर में राज्य में अनुसूचित जाति समाज के नेतृत्व को बनाए रखने के लिए सरकार में दो मंत्री पद भी देने को कहा। बैठक में पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले को लेकर विपक्ष के हमलों को भी गंभीरता से लिया गया। कहा गया कि विपक्ष इस मामले को चुनाव में मुद्दा बना सकता है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और दलित युवाओं को उनका हक दिलाया जाए। आधे घंटे चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाने से तय किया गया कि मंगलवार को फिर से बैठक बुलाई जाएगी।
कई विधायक हुए नाराज
बैठक कम समय में ही समाप्त होने के कारण कई विधायकों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पाया। जिस कारण कुछ विधायक नाराज भी हो गए। नए प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने आश्वासन दिया कि वह अगले सप्ताह होने वाली बैठक में उनके साथ छूटे मुद्दों पर भी वार्ता करेंगे।