पुराने पार्षदों की नाकामी का भुगतान आज शहर की जनता कर रही है। देश की किस पार्किंग में दोपहिया वाहन का पार्किंग शुल्क 28 रुपये होता है। एक आम आदमी को शहर के मॉल में घूमने जाना है तो जेब में अच्छी खासी रकम लेकर जानी होगी। यह जनप्रतिनिधियों की ओर से जनता पर थोपा गया शुल्क है। - योगेश ढींगरा, पार्षद, आम आदमी पार्टी
सदन में तय हुआ था कि स्मार्ट फीचर देकर पार्किंगों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। आज तक पार्किंग में कोई स्मार्ट फीचर लगा नहीं। अब घंटे के हिसाब से बेशक शुल्क न लिया जाए लेकिन इस तरह से लगातार दाम बढ़ाए जाने से भी तो लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। निगम लाइसेंस फीस में भी रियायत दे रहा है, यह बिल्कुल गलत है। - हरदीप सिंह, पार्षद व प्रदेश अध्यक्ष शिरोमणि अकाली दल
सुविधाओं के नाम पर पार्किंग में कुछ नहीं है। पार्किंग में दो लोगों को रखने के आदेश दिए गए थे लेकिन वहां भी एक ही व्यक्ति खड़ा होता है। अंदर गाड़ियां कैसे लग रही हैं, कोई पूछने वाला नहीं है। स्मार्ट फीचर के नाम पर तो जनता को सिर्फ धोखा दिया गया है। इतने दाम बढ़ाना ठीक नहीं है। - चंद्र वर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल
जब यह मुद्दा सदन में आया था तब भी कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। भाजपा की ओर से लाया गया यह एजेंडा लोगों पर बोझ डालेगा, हमने तब भी कहा था लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। यह सीधे-सीधे ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का काम है। हमने चुनाव में भी इस मुद्दे को उठाया था। - गुरबक्श रावत, पार्षद, कांग्रेस
सदन की बैठक में पहले जो निर्णय लिए गए थे, उसी के अनुसार ठेकेदार ने रुपये बढ़ाए हैं। आगामी सदन की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। लोगों को सहूलियत के अनुसार ही हम पार्किंग का शुल्क रखेंगे। कहीं कोई खामी होगी तो उसे भी दूर कराया जाएगा। - सरबजीत कौर, मेयर