सिरसा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर खुलवाकर पंजाब और विशेषकर सिखों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया। वर्ष 1984 के दंगाइयों, जगदीश टाइटलर, सचिन कुमार व अन्य को सलाखों के पीछे पहुंचाया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को अफगानिस्तान से भारत लाया गया।
सिख यह भी कभी नहीं भूलेंगे कि कांग्रेस द्वारा सिखों के खिलाफ तैयार काली सूची को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही खत्म किया। दुनियाभर के दूतावास में गुरु साहिब का प्रकाश पर्व मनाने समेत यूनेस्को द्वारा इसे प्रचारित-प्रसारित करने का काम भी नरेंद्र मोदी के सुशासन में हुआ। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि गुजरात में श्री लखपत साहिब को हुए नुकसान के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही श्री लखपत साहिब का पुन: सौंदर्यीकरण कराया और यूनेस्को से अवार्ड मिला।
सिखों के पावन स्थल श्री हेमकुंड साहिब के दर्शनों के लिए प्रधानमंत्री ने ही उसे रोप-वे से जोड़ने की शुरुआत कराई। कांग्रेस को लगने लगा है कि पंजाब हाथ से निकलने पर वह कंगाल हो जाएगी, इसलिए आधारहीन घोषणाएं करने में जुटी है। शिरोमणि अकाली दल भी पंथ को खतरा बताने लगता है लेकिन पंजाब में पंथ को कभी खतरा पैदा नहीं हो सकता।