भारतीय सेना के सिपहसलार रहे दो नौ जवानों आर सोमेश्वर राव और अनुज कुमार
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‘पैरों की अब के नहीं हौसलों की बारी है, मैं कतरा हो के तूफानों से जंग लड़ता हूं, मुझे बचाना समंदर की जिम्मेदारी है।’ ऐसा ही जज्बा है भारतीय सेना के सिपहसलार रहे दो नौ जवानों आर सोमेश्वर राव और अनुज कुमार में है। जवानी में देश की सेवा करते हुए पैर खो बैठे तो क्या हुआ, जिंदगी में जंग लड़ने का हौसला नहीं टूटा।
इसी हौसले के साथ उतर पड़े हैं ट्रैक पर। ऐसा ट्रैक जो प्रत्येक दिन एक नई सुबह लेकर आता है। सेक्टर-3 के ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में एथलेटिक ट्रैक पर जब यह दोनों जवान दौड़े तो मुख्यमंत्री भी उठकर उनका हौसला बढ़ाते नजर आए। इन दोनों जवानों ने श्रीनगर में सेना के अलग-अलग मिशन के दौरान अपनी टांगे खो दी थीं। दोनों जवान मिले पुणे के एक आर्टिफिशियल लिंब सेंटर में। बस वहीं से दूसरी जिंदगी की उड़ान शुरू हो गई। दोनों एक दूसरे की ऐसी ताकत, जिसका नजारा अब सामने है।