सूत्रों का कहना है कि उस नीति में यह बिंदु मुख्य होगा कि कॉलेजों का निरीक्षण तभी होगा, जब वह खुद यह कह देंगे कि उन्होंने मानक पूरे कर लिए हैं। मानकों की जांच के बाद ही आपत्तियां लगाई जा सकेंगी। नीति का कार्य एक कमेटी करेगी, जो मिल रहीं खामियों को दुरुस्त करेगी। साथ ही इस पर सुझाव भी लिए जा सकते हैं।
इन मानकों की होती है जांच
- कॉलेज के पास अपनी जमीन है या नहीं
- कॉलेज में भवनों की संख्या
- प्रशिक्षित स्टाफ है या नहीं
- खेल मैदान
- पुस्तकालय में किताबों की संख्या
- कॉलेज संचालन के लिए संसाधन
कॉलेजों में अगले सत्र से लागू हो सकता है सीबीसी सिस्टम
पंजाब विश्वविद्यालय अपने से जुड़े कॉलेजों में च्वाइस्ड बेस क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू करने की तैयारी में है। नए शैक्षिक सत्र से यह योजना है। इस बीच आ रही बाधाओं को पीयू की सीनेट दूर करेगी। मनपसंदीदा विषय पढ़ने की छूट हर शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों को मिल गई है।
पीयू ने अपने कैंपस में भी इसे लागू कर दिया है लेकिन अपने से जुड़े 200 कॉलेजों में लागू नहीं हो पाया, जबकि विद्यार्थियों की मांग लगातार जारी है। पीयू ने अपने अध्ययन में यह पाया है कि कॉलेज ही रुचि नहीं दिखा रहे। यदि वह इस पर काम करते तो सीबीसीएस सिस्टम लागू हो जाता।
सूत्रों का कहना है कि पीयू नए शैक्षिक सत्र में कोई भी ढील बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। ऐसे में जितने लंबित मामले हैं, उनको पूरा करने की तैयारी में है। कॉलेजों पर भी दबाव बनाया जाएगा। कॉलेजों की समस्याओं को भी सुना जाएगा। बाधाओं को दूर करके ही आगे बढ़ जाएगा। माना जा रहा है कि कॉलेज नए शैक्षिक सत्र से इस प्रक्रिया को लागू करेंगे। इससे विद्यार्थियों के सामने रोजगार आदि का संकट नहीं होगा। वह कई क्षेत्र में नौकरी के लिए आवेदन कर सकेंगे।