पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल साइंसेज की डॉ. नीलिमा ने त्वचा के कैंसर के इलाज के लिए प्रभावी दवा की खोज की है। इस दवा के कंप्यूटाइजेशन और जानवरों पर किए गए ट्रायल सफल रहे हैं। डॉ. नीलिमा और उनकी डीएसपी इंस्पायर शोधकर्ता मोनिका ने इस पर काम किया है और इनका सहयोग डिपार्टमेंट ऑफ बायोफिजिक्स के डॉ. अश्विनी कॉल ने किया है।
डॉ. नीलिमा ने बताया कि उन्होंने वीड लैंटाना कमारा से कैंसर को रोकने वाले घटक लैंटाडीन ए और बी को निकाला। इसके बाद लैब में उससे ईथर डेरिवेटर्स बनाए। इन ईथर डेरिवटर्स को जब प्राकृतिक लैंटाडीन ए और बी के साथ मिलान करके देखा गया तो ईथर डेरिवटर्स में कैंसर को ठीक करने के प्रभावी परिणाम सामने आए। शोध के दौरान पता चला कि इनमें स्किन कैंसर की रोकथाम के गुण हैं। इसके बाद इससे दवा बनाई गई, जिसके जानवरों पर हुए टेस्ट सफल हो गए हैं। इसके बाद इस शोध को इसे जर्नल साइंस डायरेक्ट में नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रकाशित किया गया।
पालमपुर से एकत्र किए पौधे
डॉ. नीलिमा ने बताया कि वीड लैंटाना कमारा के पौधे को पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) से शोध के लिए एकत्रित किया गया था। ये पौधा चंडीगढ़ और देश के अन्य क्षेत्रों में भी पाया जाता है लेकिन पौधे के औषधीय गुण पर वहां के पर्यावरण का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है इसलिए स्थान के मुताबिक कई गुण कम या ज्यादा हो सकते हैं।