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CBSE 12th result: पंचकूला के हितेश्वर ने किया ऑल इंडिया टॉप, अबीर, अदिति, नर्मदा व आदित्य ट्राइसिटी टॉपर बने

Sat, 31 Jul 2021 01:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हितेश्वर शर्मा ने कला संकाय में अखिल भारतीय स्तर पर 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने चार जून 2021 को पिछली कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के सभी टॉपर्स के साथ बात की थी। उस वक्त प्रधानमंत्री ने हितेश्वर से पूछा था कि वह 10वीं में टॉप कर चुके हैं, अब आगे की उनकी क्या तैयारी है। इस पर आत्मविश्वास से भरे हितेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री को कहा था कि सिर्फ परीक्षा का तरीका बदला है, तैयारी पहले जैसी ही है, पहले भी टॉप किया था और आगे भी टॉप करूंगा।
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जश्न मनाती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शुक्रवार को बारहवीं के नतीजे घोषित कर दिए। परीक्षा परिणाम पिछली बार से काफी अच्छा रहा। चंडीगढ़ का परिणाम 99.17 रहा। इसमें लड़कों का पास प्रतिशत 98.81 प्रतिशत जबकि लड़कियों का पास प्रतिशत 99.58 फीसदी रहा है। 

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क्षेत्रवार रिजल्ट में पंचकूला रीजन (हरियाणा, हिमाचल) 99.54 फीसदी के साथ छठे जबकि चंडीगढ़ (चंडीगढ़, पंजाब व जम्मू) 99.47 फीसदी परिणाम के साथ सातवें नंबर पर रहा है। कोरोना की वजह से सीबीएसई ने इस साल मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है लेकिन स्कूलों ने अंकों के आधार पर अपने टॉपर घोषित कर दिए। पंचकूला के हितेश्वर शर्मा ने कला संकाय में ट्राइसिटी के साथ ऑल इंडिया टॉप किया है। उन्होंने 99.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं। स्कूल प्रिंसिपल के अलावा सीबीएसई पंचकूला जोन के रीजनल ऑफिसर विजय यादव ने भी हितेश्वर के ऑल इंडिया टॉपर होने की पुष्टि की है। 

वहीं, पंचकूला के अबीर कौशल और चंडीगढ़ भवन विद्यालय की छात्रा अदिति ने कॉमर्स स्ट्रीम में 99 फीसदी अंकों के साथ संयुक्त रूप से ट्राइसिटी टॉप किया है। मेडिकल स्ट्रीम की इस बार चंडीगढ़ सेक्टर-16 के सरकारी स्कूल की छात्रा नर्मदा ने ट्राइसिटी टॉप किया है। उन्होंने 98 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला परिणाम नॉन मेडिकल के टॉपर आदित्य का रहा है। उन्होंने विज्ञान के सभी विषय लेकर नॉन मेडिकल में टॉप किया है। उन्होंने 99.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
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परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं तो मिलेगा एक और मौका
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी 12वीं के नतीजों में प्राप्त अंकों से असंतुष्ट विद्यार्थी शारीरिक परीक्षा में बैठने के लिए आवेदन कर सकेंगे। बोर्ड अपने स्कोर से असंतुष्ट विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का एक और अवसर प्रदान करेगा। इसको लेकर जल्द ही तिथियां और अन्य विवरण जारी किया जाएगा। इस संबंध में विद्यार्थी सीबीएसई की अधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

कुछ विद्यार्थियों का परिणाम रोका
सीबीएसई ने जब रिजल्ट जारी किया तो कुछ विद्यार्थियों के हाथ निराश लगी है। दरअसल, सीबीएसई ने कई विद्यार्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया है। शिक्षा विभाग ने बताया कि शहर के सरकारी स्कूलों में 81 विद्यार्थियों का परिणाम नहीं आया है। इनका परिणाम सीबीएसई की ओर से पांच अगस्त को जारी किया जा सकता है। बताया गया कि है कि इनके परिणाम मूल्याकंन नीति की वजह से रोका गया है।

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मेडिकल स्ट्रीम की टॉपर नर्मदा सरकारी स्कूल में पढ़ती हैं, नहीं ली कभी कोचिंग 

टॉपर बनने के लिए जरूरी नहीं है कि विद्यार्थी प्राइवेट कालेज में ही पढ़े। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी टॉपर बन सकते हैं। बस उनका लक्ष्य अर्जुन की तरह केंद्रित होना चाहिए। ऐसा ही कुछ गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-16 की छात्रा नर्मदा कर दिखाया है। नर्मदा ने मेडिकल स्ट्रीम में 98 फीसदी अंक लाकर ट्राइसिटी टॉप किया है। नर्मदा का कहना है कि उन्होंने आज तक कोई कोचिंग नहीं ली है। सेल्फ स्टडी पर उनका पूरा भरोसा है। 

नर्मदा मूलरूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ की रहने वाली हैं। उनकी पढ़ाई के लिए माता-पिता साल 2019 में राजस्थान से चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए थे। वह एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। लॉकडाउन के दौरान भी नर्मदा ने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ी थीं। 

नर्मदा ने बताया कि वे इस झंझट में बिल्कुल नहीं पड़ीं कि परीक्षा होगी या नहीं। उन्होंने परीक्षा मानकर अपनी तैयारी की थी। वे रोजाना लगभग दस घंटे पढ़ती थीं। उसके दसवीं में 97.27 फीसदी और 11वीं में 94-95 फीसदी अंक थे। नर्मदा के पिता संजीव अग्रवाल प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता निशा अग्रवाल पार्लर चलाती हैं।

फाइनेंशियल एडवाइजर बनकर कमाना चाहते हैं नाम
कॉमर्स स्ट्रीम में 99 फीसदी अंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉप करने वाले अबीर फाइनेंशियल एडवाइजर बनना चाहते हैं। उनके रोल मॉडल उनके अभिभावक हैं। 

उन्होंने बताया कि पिता अनिल कौशल और मां सरिता कौशल दोनों पेशे से डॉक्टर हैं। इसके बाद भी उन्होंने कभी कॉमर्स लेने से उनको नहीं रोका। हमेशा इसके लिए प्रोत्साहित किया। बताया कि छह से आठ घंटे की पढ़ाई कर यह अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंकों के आधार पर आकलन किया गया है। इसलिए इस बार परीक्षा नहीं होने के बाद उन्हें नया अनुभव मिला है। 
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