टॉपर बनने के लिए जरूरी नहीं है कि विद्यार्थी प्राइवेट कालेज में ही पढ़े। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी टॉपर बन सकते हैं। बस उनका लक्ष्य अर्जुन की तरह केंद्रित होना चाहिए। ऐसा ही कुछ गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल-16 की छात्रा नर्मदा कर दिखाया है। नर्मदा ने मेडिकल स्ट्रीम में 98 फीसदी अंक लाकर ट्राइसिटी टॉप किया है। नर्मदा का कहना है कि उन्होंने आज तक कोई कोचिंग नहीं ली है। सेल्फ स्टडी पर उनका पूरा भरोसा है।
नर्मदा मूलरूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ की रहने वाली हैं। उनकी पढ़ाई के लिए माता-पिता साल 2019 में राजस्थान से चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए थे। वह एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। लॉकडाउन के दौरान भी नर्मदा ने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ी थीं।
नर्मदा ने बताया कि वे इस झंझट में बिल्कुल नहीं पड़ीं कि परीक्षा होगी या नहीं। उन्होंने परीक्षा मानकर अपनी तैयारी की थी। वे रोजाना लगभग दस घंटे पढ़ती थीं। उसके दसवीं में 97.27 फीसदी और 11वीं में 94-95 फीसदी अंक थे। नर्मदा के पिता संजीव अग्रवाल प्राइवेट नौकरी करते हैं। माता निशा अग्रवाल पार्लर चलाती हैं।
फाइनेंशियल एडवाइजर बनकर कमाना चाहते हैं नाम
कॉमर्स स्ट्रीम में 99 फीसदी अंक हासिल कर ट्राइसिटी टॉप करने वाले अबीर फाइनेंशियल एडवाइजर बनना चाहते हैं। उनके रोल मॉडल उनके अभिभावक हैं।
उन्होंने बताया कि पिता अनिल कौशल और मां सरिता कौशल दोनों पेशे से डॉक्टर हैं। इसके बाद भी उन्होंने कभी कॉमर्स लेने से उनको नहीं रोका। हमेशा इसके लिए प्रोत्साहित किया। बताया कि छह से आठ घंटे की पढ़ाई कर यह अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंकों के आधार पर आकलन किया गया है। इसलिए इस बार परीक्षा नहीं होने के बाद उन्हें नया अनुभव मिला है।