पटियाला की राव के उफान के कारण खुड्डा लाहौरा कॉलोनी के 80 घरों में पानी भर गया। उफनती पटियाला की राव शांत हो गई। लोगों के घरों से पानी भी निकल गया, लेकिन दहशत के मारे लोग रातभर नहीं सो सके। लोगों का ऐसा लग रहा था कि कहीं दोबारा घरों में पानी न आ जाए। लोगों का कहना है कि अगस्त के पूरे महीने नींद नहीं आएगी, क्योंकि 2018, 2020 में भी अगस्त में ही घरों में पानी घुस गया था। कई लोगों ने अपने घरों के बाहर रेत की बोरी रखी ताकि पानी घरों में न आए, लेकिन फिर भी घरों में पानी घुस गया। लोगों का कहना है कि पटियाला की राव में सिल्ट जमा हो गई है। कॉलोनी पटियाला की राव से नीचे आ गया है, इसलिए कम से कम पटियाला की राव की सफाई हो।
पूरा सामान खराब हो गया
मेरे घर में रात में जब पानी घुसा तो पूरा सामान खराब हो गया। दिन में भी बुधवार को पानी बढ़ गया। इससे बहुत परेशानी हुई। बहुत सामान खराब हो गया। पिछले वर्ष भी बेड खराब हो गए थे। इनवर्टर में करंट आ गया। रात को बेड के नीचे बार-बार देखती रही कि कहीं दोबारा पानी न आ जाए। लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। आगे भी डर बना हुआ है। -सरिता, वासी मकान नंबर 386, खुड्डा लाहौरा कॉलोनी
रात में नींद नहीं आई
घर में पानी न आए, इसके लिए घर के दरवाजे के बाहर रेत की बोरी लगाकर रखी है। पूरी रात सामान बचाने में लगी रही। घर में बने सेल्फ पर सामान रखा है। बहुत मुश्किल होती है। पिछले वर्ष भी घरों में पानी आ गया था और सामान की बहुत बर्बादी हो गई थी। सरकार स्थायी समाधान करे, तभी कॉलोनी के लोग चैन से रह पाएंगे। -जानकी देवी का परिवार, मकान नंबर 391, खुड्डा लाहौरा कॉलोनी
जबतक बरसात का मौसम रहेगा चैन नहीं मिलेगा
पिछले वर्ष की बर्बादी से उबरे भी नहीं कि इस बार फिर घरों में पानी भर गया। पानी उतरने के बाद घरों और गलियों में कीचड़ ही कीचड़ भर गया। पानी रोकने के लिए घर के दरवाजे पर पक्का बांध बनाया है, लेकिन फिर भी घर में पानी भर गया। बेड के नीचे दो-दो ईंट रखकर ऊंचा किया है। एक महीना तक सामान बाहर ही रखा रहेगा। -पीसी राणा का परिवार, मकान नंबर 352 खुड्डा लाहौरा कॉलोनी