मिलिए उस शख्स से, जिसने पशुओं की देखभाल करते-करते ऐसा काम कर दिया, जिसे आज तक कोई न कर पाया। अब इन्हें भारत सरकार पद्म अवार्ड से सम्मानित करने जा रही है।
पानीपत जिले के इसराना में गांव डिडवाडी निवासी नरेंद्र सिंह द्वारा मुर्रा व साही वाल नस्ल को संरक्षित करने पर सरकार उन्हें पद्म श्री अवॉर्ड देगी। नरेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि बचपन से उसे पशुओं की देखभाल व लगाव के शौक था। उसका घर पर बीतने वाला ज्यादातर समय पशुओं की बेहतर ढंग से देखभाल करने लगता था। चूंकि वह किसान के साथ पंचायत विभाग में ग्राम सचिव भी है।
ड्यूटी के बाद पशुओं की देखभाल के समय यही प्रयास रहता था कि कुछ लीक से हट कर किया जाए। करीब 20 साल पहले नरेंद्र सिंह ने दस पशुओं के साथ गांव में अपने प्लॉट पर डेयरी की शुरूआत की थी। अब भैंस, झोटे व सांड़ समेत आज उनकी डेयरी फार्म पर करीब 150 पचास पशु हैं। उसे वर्ष 2013 व 2015 में राष्ट्रीय अवॉर्ड, 2017 में गोपाल रतन अवार्ड व वर्ष 2018 में मुर्रा रतन अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है।