यूटी प्रशासन ने नगर निगम में शामिल किए गए सभी 13 गांवों की कामर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल जमीन और इमारत पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए नगर निगम को आदेश जारी किया है कि वह अगले वर्ष से इन सभी गांवों में ग्रुप फोर जोन सी के तहत प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करे।
नवंबर 2018 में 13 गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। इनमें किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुर कलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, खुड्डा जस्सू , लाहौरा और कैंबवाला शामिल हैं। जुलाई 2019 में यूटी प्रशासन ने इन गांवों की कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल जमीनों पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन नगर निगम ऐसा करने में विफल रहा।
सदन की बैठक में इस एजेंडे को लाया गया लेकिन पार्षदों की तरफ से किए जा रहे विरोध की वजह से नगर निगम गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगा पाया लेकिन अब पंजाब नगर निगम अधिनियम की धारा 90 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यूटी प्रशासन ने टैक्स लगाने के आदेश जारी किए हैं। नगर निगम को अब प्रशासन के इन आदेशों की पालना करनी होगी। इसके तहत अगले वर्ष से नगर निगम 13 गांवों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलना शुरू कर देगा।
दरअसल, चंडीगढ़ में पंजाब नगर निगम अधिनियम 1976 लागू है। इसके तहत यदि नगर निगम मानदंडों के तहत पारित किसी भी आदेश को पूरा करने में विफल रहता है, तो सरकार अपने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल करके निगम को आदेश जारी कर सकता है।