बनवारीलाल पुरोहित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अस्पतालों में उचित ऑक्सीजन की आपूर्ति और बिस्तरों की उपलब्धता को सुनिश्चित करें। उन्होंने टीकाकरण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने बताया कि विभाग के पास अनिवार्य दवाइयों का बफर स्टॉक है। चंडीगढ़ के पास 53.8 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध है, जोकि जरूरत से ज्यादा है।
बताया कि किशोर व अन्य वर्गों के लिए वैक्सीन की भी कमी नहीं है। बैठक में मोहाली के डीसी ने बताया कि उनके यहां कोरोना के 164 सक्रिय मामले हैं, जबकि पंचकूला के डीसी ने बताया कि उनके यहां 129 सक्रिय मामले हैं। प्रशासक ने कहा कि मोहाली-पंचकूला की मदद और संयुक्त प्रयासों से ही कोरोना पर काबू पाया जा सकता है।
सभी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तैयार
पीजीआई के प्रोफेसर जीडी पुरी ने बताया कि उनके यहां 250 कोविड बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से 48 को सक्रिय रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. सुमन ने बताया कि जीएमएसएच-16 में कोरोना के कम गंभीर मरीजों के लिए करीब 606 आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। जीएमसीएच-32 की निदेशक डॉक्टर जसबिंदर कौर ने बताया कि उनके यहां 250 ऑक्सीजन बेड और 80 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। बैठक के दौरान प्रशासक ने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मास्क पहनने व शारीरिक दूरी के नियमों का शहर में सख्ती से पालन कराया जाए।
पाबंदी का असर, सुखना लेक पर छाया रहा सन्नाटा
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने सुखना लेक को दिन में बंद कर दिया है। सोमवार को सुबह और शाम को छोड़ पूरे दिन लेक पर सन्नाटा छाया रहा। बहुत से पर्यटक दिन में घूमने पहुंचे थे लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। प्रशासन की तरफ से तैनात पुलिसकर्मी पर्यटकों को वापस भेजते दिखे।
प्रशासन ने सुखना लेक पर बोटिंग समेत सभी गतिविधियों को पूरी तरह से बंद कर दिया है। लेक पर सोमवार से शनिवार तक सुबह 5 से लेकर 9 बजे तक और शाम 6 बजे से लेकर 8 बजे तक लोग सिर्फ सैर कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान मास्क पहनना होगा और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना होगा। बिना मास्क लोगों के चालान किए जाएंगे। रविवार को सैर करने की भी मंजूरी नहीं दी गई है और लेक को पूरी तरह से बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।