हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को निजी कंपनियों में 75 प्रतिशत आरक्षण देना सीधे तौर पर संविधान के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट भी यह स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी स्थिति में आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता है। ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा दिया गया यह आरक्षण कानून की नजर में सही नहीं है। कपिल कक्कड़, एडवोकेट
राज्य के विकास के लिए शर्तें लगा सकता है राज्य
हरियाणा सरकार द्वारा दिया गया आरक्षण कानूनी रूप से वैध है। सरकार को यह अधिकार है कि राज्य के विकास के लिए प्रदेश में मौजूद कंपनियों पर शर्तें लगा सके। कुछ राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश के लिए निवासियों के लिए सब्सिडी का भी प्रावधान किया है। ऐसे में इसे कानून या संविधान के खिलाफ कहना सही नहीं है और यह पूरी तरह से वैध है। दीपक सोनक, एडवोकेट
75 फीसदी आरक्षण कानूनी रूप से वैध
हरियाणा सरकार द्वारा निजी कंपनियों में प्रदेश के युवाओं को दिया गया 75 प्रतिशत आरक्षण कानूनी रूप से वैध है। आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती यह संविधान के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सही है लेकिन यह प्रावधान सरकारी नौकरी के लिए है। निजी कंपनियों पर प्रदेश सरकार शर्त लगा सकती है और इसका सरकार को पूर्ण अधिकार है। एमडी खान, एडवोकेट