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धनखड़ की अगुवाई में कृषि मंत्री से मिले किसान, तोमर ने कहा- एमएसपी पर ही होगी फसल खरीद

Wed, 16 Sep 2020 10:36 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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ओपी धनखड़ की अगुवाई में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिले किसान। - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तीन कृषि अध्यादेशों पर कहा कि इनसे एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। एमएसपी पहले की तरह रहेगी। मंडियों में खरीद पहले की तरह होगी। मंडी को लेकर और एमएसपी को लेकर कोई किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

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तोमर ने यह बात भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़, कृषि मंत्री जेपी दलाल, तीन सांसदों की समिति के सदस्यों व किसान संगठनों से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि अध्यादेश किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही बनाए गए हैं। उन्होंने ज्ञापन के साथ किसानों के सुझाव और मांगों को लेकर कहा कि आपके सुझावों को भी कानून में शामिल करेंगे। उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में सांसद बृजेंद्र सिंह, धर्मबीर और सांसद नायब सैनी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने नरेंद्र सिंह तोमर के सामने कृषि अध्यादेशों को लेकर ज्ञापन के माध्यम से आठ मांगें और सुझाव रखे।

किसानों को बहकाने वाले लोग हुए उजागर: धनखड़
केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि कृषि अध्यादेशों को लेकर प्रदेश के किसानों के आठ सुझाव सौंपे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार काम कर रही है। किसान पहले की तरह अपनी फसल को एमएसपी पर बेच सकेंगे, एमएसपी से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। धनखड़ ने कहा कि तीनों अध्यादेशों और एमएसपी पर किसानों को गुमराह करने वाले लोग आज उजागर हो गए। झूठ बोलकर विरोध करने वालों का चेहरा आज जनता के सामने आ गया है। कुछ लोग मोहरा बनकर सिर्फ और सिर्फ विरोध करने के लिए ही विरोध करते हैं।
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ज्ञापन में यह मांगें रहीं शामिल 

  • एमएसपी की व्यवस्था ज्यों की त्यों बनी रहे ।
  • मंडियों में सरकारी खरीद ज्यों की त्यों हो।
  • अपने उत्पाद के खुदरा व्यापार का स्वागत है।
  • यदि अन्य कोई भी किसानों के उत्पाद का व्यापार करता है तो गारंटी की व्यवस्था जरूर की जाए, जिससे कोई किसानों से व्यापार कर भागे ना।
  • उप मंडल अधिकारी के माध्यम से विवाद निपटान का निर्णय उचित। क्योंकि अदालतों में लंबा समय लगता है। एक समिति बना दी जाए, जिसमें दो किसान प्रतिनिधि व दो व्यापारी प्रतिनिधि जोड़ दिए जाएं
  • सभी ई-प्लेटफार्म सरकारी हो या सरकार की कठोरतम निगरानी में रखे जाएं। जिससे किसानों के साथ कोई धोखाधड़ी न कर सके।
  • जहां भी खरीद-बिक्री हो राज्य सरकार का ई-मंडी प्लेटफार्म उपलब्ध हो। जिससे हर खरीद-फरोख्त उस पर चढ़े। विवाद निपटाने में आसानी होगी व जानकारी रहेगी। इस प्लेटफार्म पर जे फार्म सृजित हो।
  •  किसानों को सीधा भुगतान हो।
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