चंडीगढ़। शहर में कोरोना संक्रमण की दर नियंत्रित हो चुकी है। यूटी प्रशासन के निर्देश पर स्कूल-कॉलेज, मॉल, जिम लगभग सब कुछ खोल दिया गया है। बस अस्पताल में मरीजों को फिजिकल ओपीडी में नहीं देखा जा रहा है। पीजीआई और जीएमसीएच-32 मेें मरीजों को अब भी डॉक्टर को दिखाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कारण, इन दोनों जगहों पर फिजिकल ओपीडी की व्यवस्था अब भी पहले जैसी लागू न होना है। महीनों से इलाज का इंतजार कर रहे मरीज अब भी फोन नंबर लगने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बता दें कि पीजीआई और जीएमसीएच-32 में अब भी ओपीडी में महज 30 से 40 मरीज देखे जा रहे हैं।
विकास नगर निवासी रेखा देवी का कहना है कि पीजीआई में दिखाने केलिए 4 महीने से प्रयास कर रही हैं, लेकिन अब तक संपर्क नहीं हो पाया। पंजीकरण केलिए जो समय तय किया गया है, उस समय फोन हमेशा व्यस्त ही रहता है। वहीं, हल्लोमाजरा केअनिकेत कुमार सिंह ने बताया कि जीएमसीएच-32 में दिखाने केलिए वे ऑनलाइन पंजीकरण करना चाहते हैं, लेकिन स्लॉट अगले 15 दिन तक बुक है।
कर्मचारियों की लापरवाही बढ़ा रही मर्ज
पीजीआई प्रशासन ने मरीजों की सुविधा केलिए 15 दिन पहले ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा शुरू करने की तैयारी की थी, लेकिन पीजीआई केकंप्यूटर सेक्शन ने उम्मीद पर पानी फेर दिया। इसके बाद ओपीडी प्रभारी की ओर से इसकी शिकायत निदेशक से की गई है।
ऑनलाइन पंजीकरण का स्लॉट 15 दिनों के लिए फुल
जीएमसीएच-32 की फिजिकल ओपीडी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण का स्लॉट अगले 10 से 15 दिनों केलिए बुक है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। यहां भी टेली कंसल्टेशन नंबर न लगने की शिकायत आम है।
कोट
फिजिकल ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण के साथ ही कुछ अन्य विकल्प जल्द शुरू किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इसका लाभ मिले।
-प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई
कोट-
इमरजेंसी की स्थिति में टेलीमेडिसिन के जरिए संपर्क किया जा सकता है। ऐसे मरीजों को अगले दिन फिजिकल ओपीडी में देख लिया जाता है।
-डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच-32