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पंजाब में समय का खेल: परिवहन पर सियासतदानों का वर्चस्व, 40 रुपये में बिकता है एक मिनट

Wed, 31 Aug 2022 05:08 PM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

सरकारों और माफियाओं के गठजोड़ से साढ़े 14 साल में पंजाब रोडवेज को 6600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह आरोप अमरिंदर राजा वड़िंग ने तब लगाया था, जब वह परिवहन मंत्री थे। इसकी जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी लेकिन जांच शुरू ही नहीं हुई।
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पीआरटीसी की बसें। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पंजाब रोडवेज की बस के एक मिनट की कीमत 40 रुपये है। पंजाब में हर बस अड्डे पर रोडवेज की बस एक मिनट पहले चलाने के लिए 40 रुपये निजी बस चालक देते जाते हैं, ताकि उनकी बस इस एक मिनट की सवारी को अपनी बस में बैठा सकें। इस पूरे खेल में पंजाब के परिवहन पर सियासतदानों का वर्चस्व दिखाई दे रहा है, क्योंकि अधिकतर निजी बसें नेताओं की पूरे पंजाब में चल रही हैं। 

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एक काउंटर पर औसतन तीन हजार रुपये रोजाना एकत्रित होते हैं। पंजाब में यह रकम रोजाना एक करोड़ से अधिक बन जाती है। इसमें जीएम से लेकर चंडीगढ़ तक हिस्सेदारी की बात सामने आ रही है। लिहाजा, यह संगठित भ्रष्टाचार पंजाब में ट्रांसपोर्ट माफिया की ओर से चलाया जा रहा है। 

इसमें निजी कारिंदों से लेकर अड्डा
इंचार्ज, स्टेशन सुपरवाइजर और जीएम से लेकर चंडीगढ़ के आला अधिकारी शामिल हैं। दरअसल, पंजाब में ट्रांसपोर्ट कारोबार पर राजनीतिक लोगों का कब्जा है और संगठित भ्रष्टाचार के कारण ही निजी ट्रांसपोर्टर फायदे में हैं, जबकि पंजाब रोडवेज घाटे में चल रहा है। सरकारी बसें अपना टाइम पूरा बस स्टैंड पर नहीं लगाती, इस कारण सवारी भी कम चढ़ती हैं और उसके पीछे चलने वाली निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बस एक मिनट पहले बस ले जाने के 40 रुपये अदा करती हैं, ताकि बस अपना अड्डा छोड़कर बाहर निकल जाए। इस तरह का खेल पूरे पंजाब में चल रहा है और रोजाना एक करोड़ से अधिक का पैसा रिश्वत के रूप में जमा हो रहा है। जिसका बांटवारा अगले दिन होता है।

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पंजाब में चल रहीं राजनीतिक लोगों की बसें
  • ऑरबिट- बादल परिवार
  • राजधानी- बादल परिवार
  • पटियाला एक्सप्रेस- मजीठिया परिवार
  • डबवाली- बादल परिवार
  • लिबड़ा ट्रांसपोर्ट- लिबड़ा परिवार कांग्रेस
  • करतार बस- पूर्व मंत्री अवतार हेनरी
  • डीएमएस- बादल परिवार
  • प्यार बस- गिल परिवार कांग्रेस सांसद
  • न्यूदीप- डिंपी ढिल्लो अकाली
  • बाबा बुड्डा साहिब- काहलों अकाली दल
  • होशियारपुर एक्सप्रेस- आप विधायक 
  • एटू जेड- बादल परिवार
  • जुझार बस- अकाली दल
  • इंडो कैनेडियन- बादल परिवार
  • राज ट्रांसपोर्ट- मजीठिया के नजदीकी
  • ग्रीन रोडवेज फरीदकोट- ढिल्लों कांग्रेसी
  • बादल परिवार के पास कुल 460 बसें हैं, जो पूरे पंजाब के अलावा दिल्ली एयरपोर्ट तक जाती हैं

पंजाब रोडवेज को 6600 करोड़ का नुकसान 
सरकारों और माफियाओं के गठजोड़ से साढ़े 14 साल में पंजाब रोडवेज को 6600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह आरोप अमरिंदर राजा वड़िंग ने तब लगाया था, जब वह परिवहन मंत्री थे। इसकी जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी लेकिन जांच शुरू ही नहीं हुई।

संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार सख्त
संगठित भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार काफी सख्त है। एसएसपी विजिलेंस दलजिंदर सिंह का कहना है कि लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त शासन देना सरकार की प्राथमिकता है। विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से ऐसे संगठन तोड़े जा रहे हैं।

मंत्री का फोन बंद, एमडी पनबस ने फोन नहीं उठाया
पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का फोन बंद मिला। उनका फोन लगातार स्विच ऑफ जा रहा था। जबकि पनबस की एमडी अमनदीप कौर 9855532679 पर लगातार कॉल की गई उनकी तरफ से फोन नहीं उठाया गया। एसएमएस का उत्तर भी नहीं दिया गया।

कई बार सीएम मान को भेज चुके हैं शिकायत 
पंजाब रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सतपाल सिंह का कहना है कि हम कई बार सीएम भगवंत मान को शिकायत भेज चुके हैं कि राजनीतिक ट्रांसपोर्ट माफिया पंजाब रोडवेज पर काफी हावी हो चुका है। अवैध बसों से लेकर मिनट तक ये माफिया खरीद रहा है।
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